निर्जला एकादशी: आज शाम दीया जलाते समय पढ़ें विष्णु जी का ये मंत्र, 3 स्टेप में जानें तुलसी पूजा नियम
Tulsi Puja Nirjala Ekadashi: आज शाम तुलसी के पास दीया जलाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए? जानिए 3 आसान स्टेप के साथ तुलसी पूजा का आसान तरीका।

आज निर्जला एकादशी है जोकि 24 एकादशियों में से सबसे ज्यादा खास और पावरफुल मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी सुख-समृद्धि का वरदान देते हैं। इस खास दिन पर शाम के समय तुलसी मां के पास दीया जलाने का भी विशेष महत्व माना जाता है। अगर इस विधि को सही नियम और सही स्टेप्स के साथ किया जाए तो इसका विशेष फल मिलता है।
दरअसल जब नियमों को ध्यान रखकर पूजा की जाती है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं आज शाम की पूजा में कौन से मंत्र का जाप किया जाए और उसका मतलब क्या है? साथ में 3 स्टेप्स में जानेंगे तुलसी पूजा की विधि और आज आमतौर पर होने वाली गलतियों को भी जानेंगे।
आज शाम तुलसी पूजा के 3 स्टेप्स
1. शाम में ऐसे करें पूजा
आज निर्जला एकादशी की शाम पर तुलसी मां के सामने गाय के शुद्ध घी का दीया जलाएं। दीए में एक चुटकी हल्दी डाल लें। इसके बाद हाथ जोड़कर भगवान विष्णु और तुलसी माता का ध्यान करें और सच्चे मन से अपनी मनोकामना उनसे कहें।
2. मंत्र का जाप और परिक्रमा
तुलसी के सामने दीया जलाने हुए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। इस मंत्र का मतलब है मैं भगवान विष्णु को प्रणाम करता हूं और उनकी शरण में आता हूं। धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र का श्रद्धा से जाप करने से मन को शांति मिलती है और धीरे-धीरे सारे काम बनने लगते हैं। मंत्र जाप के तुरंत बाद ही तुलसी मां की 11 या फिर 21 बार परिक्रमा जरूर करें। परिक्रमा करते हुए इसी मंत्र का जाप करते रहें। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की ही विशेष कृपा मिलती है।
3. तुलसी मां को अर्पित करें ये चीजें
आज शाम को तुलसी मां को हल्दी लगे चावल चढ़ाएं। इसके अलावा लाल या फिर पीले रंग की चुनरी चढ़ाएं। इसी के साथ तुलसी मां को श्रृंगार का सामन अर्पित करें। पूजा के बाद भगवान विष्णु को याद करते हुए घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना जरूर करें।
आज ना करें ये गलतियां
1. तुलसी की पूजा के समय जल ना चढ़ाएं
2. तुलसी के पत्तों को भूलकर भी ना तोड़े।
3. इस बात का ध्यान रखें कि दीया पूजा के बीच में ना बूझे।
4. हड़बड़ी में बिल्कुल भी पूजा ना करें। अच्छे से श्रद्धा के साथ हर एक विधि पूरा करें।
5. तुलसी की पूजा के समय आसपास साफ-सफाई रखें और दीए को किसी सुरक्षित जगह पर ही रखें।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
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गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
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