Nirjala Ekadashi Wishes: आज इन 7 चुनिंदा मैसेज से भेजें अपनों को निर्जला एकादशी व्रत की बधाई
Nirjala Ekadashi Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी व्रत का खास महत्व है। यह साल की सबसे बड़ी एकादशी मानी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी एकादशी व्रतों के समान फल मिलता है। आज निर्जला एकादशी की अपनों को इन चुनिंदा मैसेज से भेजें हार्दिक शुभकामनाएं।

Nirjala ekadashi ki hardik shubhkamnaye 2026: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस साल निर्जला एकादशी व्रत 25 जून, गुरुवार को है। इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है। इसलिए सभी एकादशी व्रतों में इसे अत्यंत कठिन और श्रेष्ठ माना गया है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन जगत पालनहार भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि श्री हरि की कृपा से साधक को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। निर्जला एकादशी के खास मौके पर लोग एक-दूसरे को संदेश भेजकर इस खास दिन की बधाई देते हैं। आप भी अपनों को इन चुनिंदा मैसेज से भेज सकते हैं निर्जला एकादशी की बधाई।
इन बेस्ट मैसेज से भेजें निर्जला एकादशी की शुभकामनाएं:
1. विष्णु जी का भक्त बन जाऊं
कलयुग की अनुपम कहानी बन जाऊं
मेरे प्रभु की हो जाए कृपा
तो सबके जीवन की खुशियां बन जाऊं
निर्जला एकादशी 2026 की हार्दिक शुभकामना
2. बिन जल के जो व्रत करे, मन में रखे विश्वास।
विष्णु कृपा बरसे उस पर, पूरण हो हर आस॥
निर्जला एकादशी की बहुत-बहुत बधाई
3. तपस्या का आया पावन दिन, नियम-संयम की है रीत।
जगत के पालनहार भगवान विष्णु का मिले आशीर्वाद मिले।
बने आपकी सफल हर मीत।
निर्जला एकादशी की हार्दिक बधाई 2026
4. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
जो सच्चे भक्ति भाव से रखे यह व्रत
उसका जीवन हो मंगलमय।
खुशियों से भरे जाए आपकी झोली
निर्जला एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं 2026
5. धन-धान्य से भरा रहे आपका जीवन,
मिले सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
निर्जला एकादशी के व्रत से
बने हर पल बहुत खास
शुभ निर्जला एकादशी 2026
6. जल त्याग कर मन को साधे, यही तो है सच्ची भक्ति।
विष्णु जी का आशीर्वाद रहे, बनी रहे सदा शक्ति॥
निर्जला एकादशी की हार्दिक बधाई
7. जो हरि के चरणों में मन लगाते हैं
जो हरि के चरणों में अपना ध्यान लगाते हैं
हरि उनकी हर राह आसान बनाते हैं
निर्जला एकादशी व्रत 2026 की हार्दिक बधाई
निर्जला एकादशी व्रत का महत्व:
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी एकादशियों का पुण्य और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष प्राप्त करता है। साधक की मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस व्रत को महाभारत काल में भीमसेन ने किया था। इसलिए इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


