लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए निर्जला एकादशी पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक
Nirjala Ekadashi Upay 2026, Nirjala Ekadashi Ke Upay: इस साल 25 जून को निर्जला एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन कुछ जगहों पर शाम के समय में दीपक जलाने से लक्ष्मी माता को प्रसन्न कर सकते हैं और सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

Nirjala Ekadashi Upay 2026, Nirjala Ekadashi Ke Upay: निर्जला एकादशी के दिन शाम का समय बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद निर्जला एकादशी के दिन किया गया दीपदान जीवन और ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम कर सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आप निर्जला एकादशी की शाम को इन 4 विशेष जगहों पर दीपक जलाते हैं, तो घर से दरिद्रता, गृह क्लेश दूर हो सकते हैं साथ ही लक्ष्मी माता को खुश भी कर सकते हैं। इस दिन दीपक जलाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बिल्कुल न भूलें।
लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए निर्जला एकादशी पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक
घर का मुख्य द्वार
शाम के समय निर्जला एकादशी को अपने घर के मुख्य दरवाजे के बाहर, चौखट के दाईं ओर (जब आप घर से बाहर निकल रहे हों) एक दीपक जलाएं। ध्यान रहे कि इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।
लक्ष्मी मंदिर
अगर संभव हो, तो आज निर्जला एकादशी की शाम किसी लक्ष्मी मंदिर जाकर भगवान के चरणों के पास दीपदान करें।
पीपल के पेड़ के नीचे
निर्जला एकादशी की शाम को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। शास्त्रों के अनुसार, पीपल में त्रिदोष (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के साथ-साथ शनि देव का भी वास होता है। यहां दीपक जलाने से जीवन के बड़े से बड़े संकट टल सकते हैं।
घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा)
आज निर्जला एकादशी की शाम को अपने घर के पूजा स्थल या ईशान कोण में एक दीपक जरूर जलाएं। इससे विष्णु देव और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि तथा धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
निर्जला एकादशी पर दीपक जलाते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें
- आज के दिन घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। बत्ती के लिए लाल कलावा (मौली) या सूती धागे की बत्ती का उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है।
- कभी भी जलते हुए दीपक को सीधे ठंडी जमीन पर न रखें। दीपक रखने से पहले जमीन पर थोड़े से काले तिल, चावल या फूलों की पंखुड़ियां रख दें (जिसे आसन देना कहते हैं)। फिर उसके ऊपर दीपक स्थापित करें।
- अगर आप पितरों के लिए मुख्य द्वार पर दीपक जला रहे हैं, तो उसमें थोड़ी सी काली उड़द की दाल डाल सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


