निर्जला एकादशी की शाम न करें ये 5 काम, जानें एकादशी के नियम

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Nirjala Ekadashi Ke Niyam Nirjala Ekadashi 2026 : निर्जला एकादशी व्रत के भी कुछ जरूरी नियम हैं। निर्जला एकादशी की शाम कुछ चीजों को करने से भगवान विष्णु नराज हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

Nirjala Ekadashi Ke Niyam Nirjala Ekadashi 2026 Vrat Ekadashi ki sham kya nahi karna chahiye

Nirjala Ekadashi Ke Niyam Nirjala Ekadashi 2026: आज रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत, जो विष्णु भगवान को समर्पित है। सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस शुभ दिन पर भक्त उपवास रखते हैं और अगले दिन पारण करते हैं। निर्जला एकादशी व्रत के भी कुछ जरूरी नियम हैं। इसके अलावा कुछ साधक विशेष पूजा करने के लिए भगवान विष्णु के मंदिर जाते हैं। निर्जला एकादशी की शाम कुछ चीजों को करने से भगवान विष्णु नराज हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत के नियम और शाम के समय क्या नहीं करना चाहिए-

निर्जला एकादशी की शाम न करें ये 5 काम, जानें एकादशी के नियम

निर्जला एकादशी व्रत के नियम

  • दशमी तिथि को तामसिक भोजन जैसे प्याज, मांस, लहसुन, व अल्कोहल आदि से दूर रहें।
  • भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लेना फलदायक माना जाता है।
  • मन और कर्म से पवित्र रहें।
  • द्वादशी तिथि और मुहूर्त देखकर व्रत का पारण करें।

निर्जला एकादशी की शाम क्या नहीं करना चाहिए?

पैसे उधार देना- निर्जला एकादशी की शाम के दौरान पैसों का लेन-देन करना अच्छा नहीं होता है। खासतौर पर इस समय किसी को छोटी से छोटी रकम भी उधार नहीं देनी चाहिए और न ही किसी से उधार लेना चाहिए। माना जाता है कि सूर्यास्त होने के बाद लिया गया कर्ज कभी अदा नहीं होता है।

अंधेरा - निर्जला एकादशी की शाम के वक्त अंधेरा रहने से घर की सुख समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि शाम के समय देवी-देवता भ्रमण पर निकलते हैं। ध्यान रखें की सूर्यास्त के बाद घर के किसी भी कोने में अंधेरा न रहे।

झाडू लगाना-निर्जला एकादशी की शाम के वक्त अंधेरा रहने से घर की सुख समृद्धि पर बुरा असर पड़ता है। कभी भी घर या आस-पास के एरिया में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है की शाम के समय झाडू लगाने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और धन की हानि हो सकती है।

तुलसी की पत्तियां - तुलसी माता को मां लक्ष्मी का ही रूप माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि निर्जला एकादशी के दिन तुलसी जी को स्पर्श नहीं करना चाहिए और न ही पत्तियां तोड़नी चाहिए। माना जाता है कि इस दिन तुलसी जी व्रत रखती हैं। शाम के समय न तो तुलसी जी को जल चढ़ाएं और न ही उन्हें स्पर्श करें।

क्लेश - निर्जला एकादशी के दिन लोग शाम के समय भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ करते हैं। हिंदू धर्म में भी पांच पहर पूजा का विधान है। ऐसे में निर्जला एकादशी की शाम को कलह-क्लेश करने से बचना चाहिए। इससे घर की नेगेटिविटी काफी बढ़ जाती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

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