निर्जला एकादशी 2026: तुलसी के पास दीया जलाते समय डालें ये चीज, दूर होगी पैसों की दिक्कत

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Nirjala Ekadashi Tulsi Upay: निर्जला एकादशी पर तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। जानिए तुलसी के पास दीया जलाते समय कौन सी चीज डालने से पैसों की दिक्कत दूर हो सकती है?

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हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी की पूजा को बहुत ही खास माना जाता है। 25 जून को निर्जला एकादशी है। ये व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान के साथ की गई पूजा का कई गुना फल मिलता है। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का भी खास महत्व होता है इसलिए निर्जला एकादशी पर तुलसी माता की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन पूरे विधि-विधान से व्रत रखते हैं लेकिन अगर आप व्रत नहीं रख पा रहे हैं तब भी कुछ आसान उपाय करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने की कोशिश कर सकते हैं। व्रत रखने वाले लोग भी इस उपाय को कर सकते हैं। ज्योतिष और धार्मिक मान्यता में तुलसी के पास किया गया एक छोटा सा उपाय पैसों से जुड़ी दिक्कतों को दूर कर सकता है।

तुलसी के पास ऐसे जलाएं दीया

नियम के अनुसार निर्जला एकादशी की शाम तुलसी के पास शुद्ध घी का दीया जलाएं। इसके बाद दीए में एक चुटकी हल्दी डाल दें। धार्मिक मान्यता में हल्दी को भगवान विष्णु और गुरु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। दीया जलाने के बाद तुलसी माता के सामने हाथ जोड़कर परिवार की सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति की कामना करें। ये उपाय बहुत ही आसान है और इसे करने के बाद तुलसी की परिक्रमा और खास मंत्र का जाप भी करना चाहिए।

दीया जलाते हुए पढ़ें ये मंत्र

तुलसी के पास दीया जलाने के बाद आप इसकी 11 या फिर 21 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते हुए अगर आप विष्णु मंत्र का जाप करेंगे तो इस उपाय से आपके सारे काम बनते चले जाएंगे। आप इस दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। निर्जला एकादशी पर किया गया ये उपाय काफी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर की पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और जिंदगी में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। साथ ही इस उपाय से जिंदगी में शांति आती है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए इस छोटे से उपाय से भगवान विष्णु और माता तुलसी की विशेष कृपा मिलती है।

निर्जला एकादशी पर तुलसी पर ना चढ़ाएं जल

धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी का दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित माना जाता है। इसी वजह से कई परंपराओं में इस दिन तुलसी में जल अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि एकादशी पर तुलसी के पास दीया जलाकर पूजा, मंत्र जाप और परिक्रमा करना ज्यादा शुभ माना जाता है। इस दिन जल चढ़ाने की बजाय तुलसी के आगे दीया जलाना चाहिए और इस दौरान भगवान विष्णु को याद करके अपनी मनोकामनाएं कहनी चाहिए।

डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

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