निर्जला एकादशी व्रत में पानी कब पीना चाहिए? जानें डेट व व्रत पारण समय से लेकर 5 जरूरी बातें

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Nirjala ekadashi 2026 vrat kab hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए यह व्रत उत्तम माना जाता है। कुछ दिनों में निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा, जानें इस व्रत में पानी कब पीना चाहिए।

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Nirjala ekadashi 2026 Date and Time: हिंदू धर्म में यूं तो हर एक एकादशी तिथि का महत्व है लेकिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी तिथि खास मानी गई है। निर्जला एकादशी का व्रत बिना किसी भी तरह के भोजन और पानी के बिना किया जाता है। इस कारण इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। निर्जला एकादशी को पाण्डव एकादशी या भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार पाण्डवों में दूसरा भाई भीमसेन खाने-पीने का अत्यधिक शौकीन था। वह अपनी भूख नियंत्रित करने में असफल था, यही वजह थी कि वह एकादशी व्रत के नियमों का पालन नहीं कर पाता था। भीम के अलावा सभी पाण्डव भाई और द्रौपदी साल के सभी एकादशी व्रत करते थे। तब महर्षि व्यास ने भीमसेन को एक बार निर्जला एकादशी करने की सलाह दी थी और कहा कि निर्जला एकादशी व्रत सभी 24 एकादशी व्रतों के समान है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी फल का फल सभी 24 एकादशी व्रत के फलों के समान है। अगर आप भी निर्जला एकादशी व्रत करने वाले हैं, तो जानें कब रखा जाएगा व्रत, पारण का समय और कब पीना चाहिए पानी समेत पांच जरूरी सवालों के जवाब।

1. निर्जला एकादशी व्रत कब रखा जाएगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और 25 जून 2026 को रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। निर्जला एकादशी व्रत उदया तिथि में 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

2. निर्जला एकादशी पूजा का समय क्या है?

निर्जला एकादशी पर रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है। निर्जला एकादशी पर पूजन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 05 मिनट से सुबह 04 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। रवि योग सुबह 05 बजकर 25 मिनट से शाम 04 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

3. निर्जला एकादशी पर भद्रा का साया रहेगा या नहीं?

इस बार निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का साया रहने वाला है। भद्रा सुबह 07 बजकर 08 मिनट से प्रारंभ होगी और रात 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। ज्योतिष शास्त्र में भद्रा एक विशेष अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य करना पूरी तरह वर्जित होता है।

4. निर्जला एकादशी पर पानी कब पीना चाहिए:

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, निर्जला एकादशी के दिन व्रत के संकल्प से लेकर अगले दिन द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक जल पीने की मनाही होती है। निर्जला एकादशी व्रत के पारण के समय ही पानी पिया जाता है।

5. निर्जला एकादशी व्रत पारण का समय क्या है:

निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 मई 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 25 मिनट से सुबह 08 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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