Nirjala Ekadashi Upay: निर्जला एकादशी के दिन करें सूखी तुलसी के ये 5 खास उपाय, चमकेगी किस्मत
Nirjala Ekadashi 2026 Tulsi Upay: हिंदू धर्म में तुलसी पूजनीय मानी गई है। तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन सूखी तुलसी से जुड़े कुछ उपायों को करने से भाग्य का साथ मिलता है और मां लक्ष्मी की कृपा से धन की प्राप्ति होती है।

Nirjala Ekadashi Sukhi Tulsi Upay in hindi: हिंदू धर्म ग्रंथों में निर्जला एकादशी व्रत सभी एकादशी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। आज 25 जून 2026, गुरुवार को निर्जला एकादशी व्रत है। यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए उत्तम माना जाता है। हिंदू धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन सूखी तुलसी से जुड़े कुछ उपायों को करने से मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है और भाग्य का साथ मिलने के साथ ही जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है। आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी पर सूखी तुलसी से जुड़े क्या उपाय कर सकते हैं।
निर्जला एकादशी पर करें सूखी तुलसी के ये खास उपाय:
1. दीपक में रखकर जलाएं:
निर्जला एकादशी के दिन सूखी तुलसी के 7 छोटे-छोटे डंठल या लकड़ी लें। इन्हें एक जगह सफेद सूत में बांधें। इसके बाद इसे घी में अच्छे से डुबाएं। अब भगवान विष्णु के सामने एक दीपक में रखकर जला दें। मान्यता है कि ऐसा करने से विष्णु जी के साथ मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी से ना ही पत्ते तोड़ें और न ही डंठल।
2. मुख्य द्वार पर बांध दें:
निर्जला एकादशी के दिन सूखी तुलसी की लकड़ियों को साफ पानी से धोएं। अब इन्हें लाल या पीले रंग के वस्त्र में बांधकर मुख्य द्वार पर बांध दें। मान्यता है कि ऐसा करने मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उनका घर पर स्थाई वास होता है।
3. गंगाजल का छिड़काव:
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी की सूखी लकड़ियां एक बंडल बनाकर सूत या सफेद धागे से बांध लें। अब इन लकड़ियों के माध्यम से पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। मान्यता है कि ऐसा करने नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
4. हवन में प्रयोग:
निर्जला एकादशी के दिन सूखी तुलसी की टहनियां और पत्तों को हवन सामग्री में मिलाकर हवन करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। सूखी तुलसी की छोटी टहनियों को ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करते हुए भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-समृद्धि आती है।
5. घर के मंदिर में रखें:
निर्जला एकादशी के दिन सूखी तुलसी की टहनियों को गंगाजल से धोकर इन्हें मंदिर में रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने घर का वास्तु दोष दूर होता है और आर्थिक खुशहाली आती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


