आज के बाद अब कब दिखेगा अगला ब्लू मून? 945 दिन बाद फिर बनेगा दुर्लभ संयोग, जानें सटीक तारीख
Next Blue Moon in 2008: 31 मई 2026 को दिखने वाले ब्लू मून के बाद अगला ब्लू मून कब दिखाई देगा? जानिए इसकी सटीक तारीख, ब्लू मून क्या होता है और यह खगोलीय घटना क्यों मानी जाती है खास।

Next Blue Moon Date: 31 मई यानी आज आसमान में ब्लू मून का दुर्लभ नजारा देखने को मिलने वाला है। बता दें कि ये खगोलीय घटना हर साल नहीं होती है। इसी वजह से चांद-तारों की दुनिया पसंद करने वालों के लिए आज का दिन बेहद ही खास माना जा रहा है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल भी उठ रहा होगा कि आखिर अब अगला ब्लू मून कब दिखेगा? अगर आपके मन में भी ये सवाल आया है तो आपको बता दें कि आज से तकरीबन 945 दिन बाद ही ये नजारा फिर से देखने को मिलेगा खगोलीय गणना के अनुसार आज रात के बाद अगला ब्लू मून हमें साल 2028 में ही दिखेगा।
क्या होता है ब्लू मून?
नाम सुनकर लोग कन्फ्यूज भी हो रहे होंगे कि ब्लू मून है तो ये नीला होगा जबकि ऐसा नहीं है। आज की रात चंद्रमा नीले रंग का नहीं दिखेगा। ये सिर्फ एक नाम है और इसका इस्तेमाल एक विशेष पूर्णिमा के लिए करते हैं। दरअसल जब भी एक ही महीने में दो पूर्णिमा पड़ती है तो दूसरा वाला ब्लू मून कहलाता है। ये घटना हर साल नहीं होती है और इसी वजह से इसे दुर्लभ माना जाता है।
भारत में आज इतने बजे दिखेगा ब्लू मून
भारतीय टाइमिंग के हिसाब से आज ब्लू मून दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर अपने चरम पर होगा। हालांकि सूर्यास्त के बाद इसे आसानी से देखा जा सकता है। अगर आप ब्लू मून का अद्भुत नजारा देखना चाहते हैं तो इसके लिए शाम 6:30 से लेकर 7:30 बजे के बीच का समय सबसे परफेक्ट है।
इस वजह से खास है ब्लू मून
सामान्य पूर्णिमा की तुलना में ब्लू मून कम दिखता है। इसी वजह से खगोलीय दुनिया में इसे बहुत ही खास और पावरफुल माना जाता है। एस्ट्रानॉमी लवर्स को ब्लू मून का बेसब्री से इंतजार होता है क्योंकि ये 2 या 3 साल बाद ही दिखेगा। इसी वजह से इसे वन्स इन ए ब्लू मून कोट से भी जोड़कर देखा जाता है। ब्लू मून पर चंद्रमा आमतौर पर सफेद, हल्का नारंगी और सुनहरे रंग का दिखता है। अगर मौसम साफ हो तो शाम के बाद आसमान का नजारा देखते ही बनता है।
अगले ब्लू मून की सटीक तारीख
अगर आप आज की रात ब्लू मून का नजारा देखने के लिए एक्साइटेड हैं तो ये जानना भी जरूरी है कि अगली बार किस तारीख को ये दुर्लभ संयोग फिर से बनेगा? खगोलीय गणना के आधार पर ये संयोग आज से दो साल बाद 31 दिसंबर 2028 को बनेगा। आज से 954 दिन बाद ही ये तारीख पड़ेगी। साल 2028 का आखिरी दिन एस्ट्रानॉमी लवर्स के लिए बेहद ही खास होने वाला है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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