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कल भी होगी मां कूष्मांडा की पूजा, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ

कल भी होगी मां कूष्मांडा की पूजा, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ

संक्षेप: Navratri 4th Day Maa Kushmada Puja : शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल नवरात्रि 10 दिन की है। चतुर्थी तिथि में वृद्धि की वजह से इस साल मां के चौथे स्वरूप की पूजा 25 और 26 सितंबर दोनों दिन की जाएगी।

Thu, 25 Sep 2025 07:48 PMYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल नवरात्रि 10 दिन की है। चतुर्थी तिथि में वृद्धि की वजह से इस साल मां के चौथे स्वरूप की पूजा 25 और 26 सितंबर दोनों दिन की जाएगी। मान्यता है कि मां कूष्मांडा की उपासना करने से साधक के सभी रोग, दोष और कष्ट समाप्त होते हैं तथा उसे यश, बल, धन और वैभव की प्राप्ति होती है। मां का स्वरूप अष्टभुजा (आठ भुजाओं वाला) है, इस कारण उन्हें ‘अष्टभुजा देवी’ भी कहा जाता है। सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र और गदा सुशोभित रहते हैं, जबकि आठवें हाथ में जपमाला धारण है। मां सिंह पर सवार होकर भक्तों को वरदान देती हैं।

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शास्त्रों के अनुसार मां कूष्मांडा ब्रह्मांड के केंद्र में निवास करती हैं और समस्त सृष्टि की रचना की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनका तेज और कांति सूर्य के समान बताई गई है। वे सूर्यमंडल के भीतर स्थित हैं और उनकी दिव्य आभा से संपूर्ण दिशाएं आलोकित होती हैं। इसलिए भक्तों के जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता लाने के लिए इस दिन मां की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

पूजा का शुभ मुहूर्त-

ब्रह्म मुहूर्त 04:53 ए एम से 05:40 ए एम

अभिजित मुहूर्त 12:05 पी एम से 12:54 पी एम

विजय मुहूर्त 02:30 पी एम से 03:18 पी एम

गोधूलि मुहूर्त 06:31 पी एम से 06:55 पी एम

अमृत काल 12:15 पी एम से 02:03 पी एम

निशिता मुहूर्त 12:06 ए एम, सितम्बर 27 से 12:54 ए एम, सितम्बर 27

सर्वार्थ सिद्धि योग 10:09 पी एम से 06:28 ए एम, सितम्बर 27

रवि योग 10:09 पी एम से 06:28 ए एम, सितम्बर 27

मां कूष्मांडा की पूजा का महत्व

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना करने से आयु, यश और बल में वृद्धि होती है। साधक के स्वास्थ्य संबंधी दोष मिटते हैं और मानसिक-आध्यात्मिक बल में वृद्धि होती है। विशेष रूप से व्यापार, करियर और पारिवारिक जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भी यह पूजा शुभ मानी जाती है। माना जाता है कि मां कूष्मांडा की उपासना से साधक के भीतर कार्य करने की ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। साथ ही सौभाग्य, सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।

घर में ऐसे करें मां कूष्मांडा की पूजा

स्नान और शुद्धि – प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ-सुथरा और पवित्र बनाएं।

मां का ध्यान – मां कूष्मांडा की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर दीपक जलाएं। धूप-दीप के साथ उनका ध्यान करें।

अर्पण सामग्री – मां को गंध, अक्षत (चावल), लाल पुष्प, सफेद कुम्हड़ा (कूष्मांड), फल, सूखे मेवे और सौभाग्य सामग्री अर्पित करें।

भोग लगाना – मां को प्रसाद या भोग लगाएं। यह भोग बाद में प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जा सकता है।

ध्यान और प्रार्थना – पूजा के दौरान मां का ध्यान करें और अपनी मनोकामना उनके समक्ष प्रकट करें।

आरती – अंत में मां कूष्मांडा की आरती गाकर पूजा संपन्न करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा विशेष रूप से कुम्हड़ा (सफेद कूष्मांड) से प्रसन्न होती हैं, इसलिए इस दिन पूजा में कुम्हड़ा अर्पित करना शुभ माना जाता है।

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मां कूष्मांडा की आरती

मां कूष्मांडा आरती

चौथा जब नवरात्र हो, कूष्मांडा को ध्याते।

जिसने रचा ब्रह्मांड यह, पूजन है

उनका

आद्य शक्ति कहते जिन्हें, अष्टभुजी है रूप।

इस शक्ति के तेज से कहीं छांव कहीं धूप॥

कुम्हड़े की बलि करती है तांत्रिक से स्वीकार।

पेठे से भी रीझती सात्विक करें विचार॥

क्रोधित जब हो जाए यह उल्टा करे व्यवहार।

उसको रखती दूर मां, पीड़ा देती अपार॥

सूर्य चंद्र की रोशनी यह जग में फैलाए।

शरणागत की मैं आया तू ही राह दिखाए॥

नवरात्रों की मां कृपा कर दो मां

नवरात्रों की मां कृपा करदो मां॥

जय मां कूष्मांडा मैया।

जय मां कूष्मांडा मैया॥

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi
योगेश जोशी हिंदुस्तान डिजिटल में सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मेहला गांव के रहने वाले हैं। पिछले छह सालों से पत्रकरिता कर रहे हैं। एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेश से जर्नलिज्म में स्नातक किया और उसके बाद 'अमर उजाला डिजिटल' से अपने करियर की शुरुआत की, जहां धर्म और अध्यात्म सेक्शन में काम किया।लाइव हिंदुस्तान में ज्योतिष और धर्म- अध्यात्म से जुड़ी हुई खबरें कवर करते हैं। पिछले तीन सालों से हिंदुस्तान डिजिटल में कार्यरत हैं। अध्यात्म के साथ ही प्रकृति में गहरी रुचि है जिस कारण भारत के विभिन्न मंदिरों का भ्रमण करते रहते हैं। और पढ़ें
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