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Shardiya navratri muhurat: नवरात्रि पर कल कब करें कलश स्थापना, जानें नौ देवियों का प्रिय रंग और फूल

Shardiya navratri muhurat: नवरात्रि पर कल कब करें कलश स्थापना, जानें नौ देवियों का प्रिय रंग और फूल

संक्षेप: Navratri 2025 Timing: आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 22 सितंबर को हो रही है। शारदीय नवरात्र एक अक्तूबर तक चलेगा।काशी के प्रमुख पंचांगों की गणना के अनुसार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 22 सितंबर को कलश स्थापना प्रात: छह बजे से दोपहर तक किया जा सकता है। 

Sun, 21 Sep 2025 07:26 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, वाराणसी, मुख्य संवाददाता।
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शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से एक अक्तूबर तक चलेगा।काशी के प्रमुख पंचांगों की गणना के अनुसार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 22 सितंबर को कलश स्थापना प्रात: छह बजे से दोपहर तक किया जा सकता है। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 33 से 12 बजकर 23 मिनट तक है। कलश स्थापना के लिए अमृत मुहूर्त प्रात: 06 बजे से प्रात: 08 बजे तक, प्रात: 08:30 से 10:00 बजे तक है। आश्विन शुक्ल पक्ष में चतुर्थी तिथि की वृद्धि से यह पक्ष 16 दिनों का है। इस बार 10 दिनों के नवरात्र में पूजा पंडालों में संधि पूजन 29/30 सितंबर को मध्यरात्रि के बाद किया जाएगा। नवरात्र में आश्विन शुक्ल चतुर्थी तिथि की वृद्धि है। महानवमी तिथि एक अक्तूबर को दिन में 02 बजकर 37 मिनट तक है।

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शास्त्रों में कहा गया है कि ‘महानवमी तु बलिदानव्यरित विषय में पूजोपोष्णा। दापष्टमी विद्धाग्राह्या महानवमी।’ अर्थात, पूजा तथा उपवास में अष्टमी वित्थ नवमी ग्राह्य है। नवमी युक्त दशमी बलिदान के लिए प्रसस्त है। ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार महाष्टमी व्रत का पारन एक अक्तूबर को दिन में 02 बजकर 37 मिनट से पूर्व करना होगा। संपूर्ण नवरात्र व्रत का पारन दो अक्तूबर को किया जाएगा। आश्विन शुक्ल दशमी तथा श्रवण नक्षत्र के संयोग से विजयादशमी पर्व दो अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसी दिन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।

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देवी पूजन में वस्त्रों और फूल का भी महत्व

● शैलपुत्री : देवी का प्रिय रंग लाल है। मां को सफेद कनेर के पुष्प प्रिय है। इन दोनों के तालमेल से आप की पूजा विशेष फलदायी हो जाएगी।

● ब्रह्मचारिणी : देवी प्रिय रंग हरा है। मां की पूजा में वट यानी कि बरगद के पेड़ का फूल चढ़ाना चाहिए।

● चंद्रघंटा: देवी को सिलेटी (ग्रे) रंग से जोड़ा जाता है। मां की पूजा शंखपुष्पी के फूल से करना लाभकारी है।

● कूष्मांडा : देवी का प्रिय रंग पीला है। इन्हें पीला कमल, गेंदा अर्पित करें

● स्कंदमाता : देवी का संबंध नारंगी रंग से है। इन्हें भी पीले रंग के फूल विशेष रूप से पसंद हैं।

● कात्यायनी : देवी को लाल रंग से दर्शाया गया है। इनकी प्रसन्नता के लिए उनका पूजन बेर के पेड़ के पुष्प से करना चाहिए।

● कालरात्रि : देवी हरे रंग से जुड़ी हैं। इनकी पूजा रातरानी या गेंदा के फूल से करनी चाहिए।

● महागौरी : देवी का संबंध गहरे नीले रंग से है। इनका पूजन मोगरे के फूल से करें।

● सिद्धिदात्री : देवी का प्रिय रंग गुलाबी है। मां की पूजा चंपा या गुड़हल के फूल से करनी चाहिए।

(जैसा कि महावीर पंचांग के पंडित रामेश्वरनाथ ओझा ने बताया)

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey
अनुराधा पांडे लाइव हिन्दुस्तान में एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन लीड कर रही हैं। इन्हें पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ज्योतिष और धर्म-अध्यात्म से जुड़े विषयों पर पिछले 10 सालों से लिख रही हैं। इन्होंने हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली और ग्रैजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। लाइव हिन्दुस्तान में करियर का लंबा हिस्सा बीता और काम करते-करते 9 साल हो गए हैं। एस्ट्रोलॉजी और करियर से जुड़ी खबरों के अलावा हेल्थ पर लिखने शौक है। इससे पहले तीन साल तक आज तक वेबसाइट में एजुकेशन सेक्शन में भी काम किया है। और पढ़ें
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