1 सितंबर से बदल जाएगा इन 3 राशियों का समय, शनि-गुरु से बनेगा नवपंचम योग

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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1 सितंबर 2026 को गुरु और शनि करीब 120 डिग्री के कोण पर रहेंगे, जिससे ज्योतिष में नवपंचम योग बनने की मान्यता है। गुरु कर्क राशि में और शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। इस योग को कर्क, तुला और मीन राशि वालों के लिए खास तौर पर शुभ माना जा रहा है।

Navpancham Yog 1 September 2026
Navpancham Yog 1 September 2026:

सितंबर की शुरुआत ग्रहों की खास स्थिति के साथ होने जा रही है। 1 सितंबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति और शनिदेव एक-दूसरे से 120 डिग्री के कोण पर रहेंगे। ज्योतिष में ग्रहों के इस संबंध को नवपंचम योग कहा जाता है। इस दिन गुरु कर्क राशि में और शनि मीन राशि में रहेंगे। दोनों ग्रहों की यह स्थिति कुछ राशि वालों के लिए नौकरी, कारोबार, धन और मान-सम्मान के लिहाज से अच्छी मानी जा रही है। खास बात यह है कि गुरु इस समय कर्क राशि में हैं, जिसे उनकी उच्च राशि माना जाता है। वहीं शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में चल रहे हैं। ऐसे में गुरु और शनि का यह संबंध ज्योतिषीय नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाता है। 1 सितंबर को सुबह करीब 3:39 बजे दोनों ग्रह 120 डिग्री के कोण पर होंगे। हालांकि नवपंचम योग का असर सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में देखा जा सकता है, लेकिन कर्क, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। इन लोगों के लिए अटके काम आगे बढ़ने, करियर में नए मौके मिलने और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय काफी खास रह सकता है। गुरु आपकी राशि में ही मौजूद हैं और कर्क गुरु की उच्च राशि है। वहीं शनि भाग्य से जुड़े भाव में प्रभाव डाल रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से अटके कामों में गति आ सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को काम की जगह पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मेहनत का परिणाम मिलने और अधिकारियों से सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। जो लोग नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें भी कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों के लिए पुराने संपर्क काम आ सकते हैं। किसी रुके हुए सौदे या योजना को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। इस दौरान जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर फैसला लेना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। परिवार के लिहाज से भी समय अच्छा रह सकता है। घर में चल रही किसी पुरानी परेशानी का समाधान निकल सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ने के भी योग बन रहे हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए नवपंचम योग करियर और कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरु आपके कर्म भाव में प्रभाव डाल रहे हैं, जबकि शनि प्रतियोगिता, नौकरी और मेहनत से जुड़े क्षेत्र को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में लगातार की गई मेहनत का फायदा मिल सकता है। नौकरी में बदलाव की सोच रहे लोगों को कोई नया विकल्प मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की नजर में आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है। कारोबारियों के लिए भी नए काम शुरू करने का समय बेहतर रह सकता है। पुराने विवाद या अटके हुए काम धीरे-धीरे सुलझ सकते हैं। किसी पुराने ग्राहक या संपर्क से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक स्थिति की बात करें तो आमदनी में सुधार के मौके मिल सकते हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, लेकिन सही योजना बनाकर चलने पर आर्थिक संतुलन बना रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह योग इसलिए खास है क्योंकि शनि आपकी राशि में ही मौजूद हैं। वहीं गुरु आपके पंचम भाव को प्रभावित कर रहे हैं। गुरु की शुभ स्थिति के कारण शिक्षा, नौकरी, रचनात्मक काम और योजनाओं में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। नई नौकरी या बेहतर पद का मौका सामने आ सकता है। जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी समय सकारात्मक रह सकता है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और पहले किए गए प्रयासों का फायदा मिल सकता है। हालांकि शनि की वजह से परिणाम धीरे-धीरे मिलेंगे, इसलिए जल्दबाजी करने से बचना जरूरी होगा। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अच्छा रह सकता है। पढ़ाई में फोकस बढ़ेगा और किसी महत्वपूर्ण परीक्षा या प्रतियोगिता में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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