
नरक चतुर्दशी के दिन जरूर करें ये 4 काम, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा
नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का यह दूसरा दिन है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और घर में सुख-शांति व समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। पूरे देश में इस दिन उत्साह और उल्लास का माहौल दिखाई देता है।
Narak Chaturdashi: नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का यह दूसरा दिन है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और घर में सुख-शांति व समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। पूरे देश में इस दिन उत्साह और उल्लास का माहौल दिखाई देता है। घर सजते हैं, बाजार रौनक से भर जाते हैं और लोग अपने परिवार और दोस्तों को शुभकामनाएं भेजते हैं। इस साल नरक चतुर्दशी आज यानी 19 अक्टूबर को है। माना जाता है कि इस दिन कुछ खास काम करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर-परिवार में खुशहाली आती है। आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी के दिन क्या करें-

1. सुबह घर की पूरी सफाई करें
नरक चतुर्दशी के दिन सबसे पहले सुबह उठकर घर की पूरी सफाई करना शुभ माना जाता है। घर में जितना भी फालतू सामान, कबाड़ या पुराने सामान हैं, उन्हें बाहर निकाल दें। पुरानी झाड़ू या टूटे हुए सामान को भी हटाना चाहिए। यह केवल घर को साफ करने के लिए नहीं है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
2. पुरानी दवाइयां और बेकार चीजें बाहर निकालें
घर में यदि कोई पुरानी दवाइयां हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी है, तो उन्हें तुरंत बाहर फेंक दें। इसके साथ ही घर में जो चीजें बेकार पड़ी हों और जिनका कोई उपयोग न हो, उन्हें भी बाहर निकालना चाहिए। ऐसा करने से घर से नकारात्मकता दूर होती है।
3. घर के बाहर चौमुखा दीपक जलाएं
शाम के समय घर के बाहर दाहिनी तरफ चौमुखा दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यह दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और बुराई को दूर करता है। दीपक की रोशनी घर के कोनों तक फैलती है और वातावरण शुद्ध होता है।
4. रसोई में पितरों के लिए दीपक जलाएं
रसोई में पानी रखने की जगह पर दीपक जलाना पितरों के लिए शुभ माना जाता है। ऐसा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और पूर्वजों की कृपा हमेशा बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





