नाग पंचमी पर कालसर्प दोष की शांति के लिए करें ये उपाय, चांदी के नाग-नागिन से लेकर मंत्र जाप तक जानें विधि
17 अगस्त को नाग पंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ रहे हैं। इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा के साथ कालसर्प योग और राहु-केतु से जुड़ी शांति के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं। चांदी के नाग-नागिन की पूजा, शिवलिंग पर जलाभिषेक और मंत्र जाप को कुछ परंपराओं में उपयोगी माना गया है।

नाग पंचमी का पर्व इस बार 17 अगस्त, सोमवार को मनाया जा रहा है। सावन सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन होने से भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। ज्योतिष में नाग पंचमी के दिन राहु-केतु से जुड़े दोषों और कालसर्प योग की शांति के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प योग बताया गया है, वे इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की कुंडली में इसके प्रभाव अलग माने जाते हैं।
कालसर्प दोष के लिए क्या करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित किया जा सकता है। भगवान शिव की पूजा के बाद नाग देवता का स्मरण करें।
नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा की जा सकती है। हल्दी, फूल और अक्षत अर्पित करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन शिव और नाग देवता की आराधना राहु-केतु से जुड़ी परेशानियों में राहत की कामना के लिए की जाती है।
चांदी के नाग-नागिन की पूजा
कालसर्प योग की शांति के लिए कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में चांदी के नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करने का भी विधान बताया गया है। पूजा के बाद इसे मंदिर में अर्पित करने की मान्यता है। कुछ जगहों पर सर्प प्रतिमा की पूजा कर उसे शिव मंदिर में अर्पित किया जाता है।
नाग मंत्र का करें जाप
नाग पंचमी पर नाग देवता से जुड़े मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है। पूजा के दौरान भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना सरल उपाय है। राहु-केतु से जुड़ी शांति के लिए भी मंत्र जाप की परंपरा है।
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प योग बताया गया है, तो वह किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी कुंडली की स्थिति समझकर ही विशेष अनुष्ठान कराए। हर कुंडली में एक ही उपाय समान रूप से लागू नहीं होता।
जीवित सांपों को दूध न पिलाएं
नाग पंचमी पर सांपों को दूध पिलाने की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है, लेकिन जीवित सांप को दूध पिलाना जरूरी नहीं है। नाग देवता की प्रतिमा या चित्र की पूजा करके धार्मिक परंपरा निभाई जा सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


