Nag Panchami kalsarpdosh: चंद्रमा एवं शनि का विष योग भी इस दिन, कालसर्प दोष का निवारण भी

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Nag Panchami 2026:नाग पंचमी के दिन कालसर्पदोष औरविषयोग दोनों की पूजा भी की जाती है। इस दिन इन दोषों का निवारण करना आसान होता है।

Nag panchami kal sarpdosh, नागपंचमी कालसर्प दोष
नागपंचमी कालसर्प दोष

यदि जन्म कुंडली में कहीं भी चंद्रमा एवं शनि का एक साथ योग है तो उसे योग को विष योग कहा जाता ।है विषयोग के प्रभाव से व्यक्ति के मन मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है तथा व्यक्ति किसी न किसी प्रकार के अवसाद के कारण तनाव महसूस करता है। माता के स्वास्थ्य को लेकर तथा माता के विचारों को लेकर भी कष्ट की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। इसके निराकरण के लिए भगवान शिव की उपासना श्रेष्ठ मानी गई है। इसी कारण से यदि श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना किया जाए गंगाजल से अथवा गाय के दूध से अभिषेक किया जाए तो विषयोग से संबंधित नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। यदि यह उपाय नाग पंचमी के दिन किया जाए तो उसके परिणाम और भी सकारात्मक होते हैं। ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी से जानें कालसर्प दोष निवारण कैसे करें

इस तिथि पर कालसर्प दोष का निवारण कैसे करें।

जन्म कुंडली में जब राहु और केतु को छोड़कर सारे ग्रह राहु और केतु के एक तरफ हो जाते हैं। तो उसे योग को काल सर्प दोष कहा जाता है। यद्यपि कि यह योग सभी कुंडलियों में नकारात्मक प्रभाव नहीं उत्पन्न करते परंतु कुछ कुंडलियों में ज्यादा नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं। मुख्य रूप से 12 कालसर्प योग बताए गए हैं। वैसे तो सभी कुंडलियों में देखा जाए तो 144 प्रकार के बन जाएंगे परंतु 12 प्रकार के कालसर्प योग ही मुख्य रूप से बताए गए हैं। इसमें राहु और केतु ग्रह से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती हैं। व्यक्ति को उसके कर्मों का पूर्ण फल नहीं मिलता, कोई भी सफलता प्राप्त करने के लिए उसे अधिक परिश्रम की आवश्यकता होती है। साथ ही उसके द्वारा किए गए कर्म का परिणाम भी कम प्राप्त होता है। ऐसा व्यावहारिक रूप से देखा गया है।

ज्योतिष शास्त्र के ग्रंथो के अनुसार देखा जाए तो कालसर्प योग से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी प्रकृति का होता है। तथा अपने कार्यों के प्रति बेहद संवेदनशील होता है परंतु परिणाम में कमी जरूर आ जाती है। इस कारण से यदि नाग पंचमी के दिन राहु और केतु के नकारात्मक प्रभाव से मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान पूजन कार्य किए जाएं तो बहुत ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।

जैसे रुद्राभिषेक महामृत्युंजय जप अनुष्ठान, राहु की शांति पूजा, केतु की शांति पूजा, शनि की भी शांति पूजा बेहद सकारात्मक परिणाम प्रदान करती है। इस दिन नाग नागिन के जोड़े को भगवान शिव को चढ़कर गंगाजल में प्रवाहित करने जैसे अनेकों उपाय किए जाते हैं। जीवों की रक्षा तथा सर्प के रक्षा करने से भी राहु और केतु से संबंधित नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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