कालसर्प दोष से हैं परेशान? नाग पंचमी पर करें इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप, दूर होंगी कई परेशानियां

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नाग पंचमी 2026 पर कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप करें। नाग गायत्री, अष्टनाग स्तुति और शिव मंत्र से दूर होंगी कई परेशानियां। पूरी विधि पढ़ें।

nag panchami 2026
कालसर्प दोष पूजा

नाग पंचमी सावन मास का पावन पर्व है, जो इस साल 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन नाग देवता और भगवान शिव की विशेष आराधना के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सही मंत्रों का जाप करने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है। जीवन के संकट दूर होते हैं और परिवार में शांति बनी रहती है। श्रद्धापूर्वक किया गया जाप कई परेशानियों से मुक्ति दिलाता है।

नाग पूजन मूल मंत्र का जाप

नाग पंचमी के दिन सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है -

"ओम नमः नागाय"

स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर शांत मन से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। यह नाग देवता का बीज मंत्र माना जाता है। इसके जाप से समर्पण भाव बढ़ता है। हर तरह के रोग और कष्ट दूर होने में सहायता मिलती है। नियमित जाप करने से मन में शांति आती है और नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है। इस मंत्र को सुबह या पूजा के समय जपना अधिक फलदायी रहता है।

नाग गायत्री मंत्र

ओम फणिनायकाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्।

इस मंत्र का जप करने से मानसिक शांति मिलती है। मनोकामनाओं की पूर्ति में नाग देवता सहायता करते हैं। कम से कम 108 बार जप करने की सलाह दी जाती है। राहु-केतु से जुड़े बुरे प्रभाव भी कम हो सकते हैं। कालसर्प दोष से पीड़ित जातकों के लिए यह मंत्र विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। शुद्ध उच्चारण और श्रद्धा के साथ जप करने से प्रभाव बढ़ता है।

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अष्टनाग स्तुति मंत्र का पाठ

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।

शङ्खपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।

इस मंत्र के माध्यम से आठ प्रमुख नाग देवताओं अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, शंखपाल, धृतराष्ट्र और तक्षक की वंदना की जाती है। नाग पंचमी पर इसका 11 या 21 बार पाठ करने से पूरे परिवार को सर्प भय से मुक्ति मिलती है। घर में सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धापूर्वक पाठ करने से भय और अनिश्चितता कम होती है।

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कालसर्प दोष निवारण मंत्र

ॐ क्रौं नमो अस्तु सर्पेभ्यो कालसर्प शांति कुरु कुरु स्वाहा।

ॐ नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु ये अन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो नम:।।

जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष का साया है, उन्हें नाग पंचमी के दिन इस मंत्र का जप अवश्य करना चाहिए। इससे कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। करियर के क्षेत्र में भी उन्नति के योग बनते हैं। इस मंत्र का जप करने से कई कष्टों से राहत मिलता है। नियमित जाप से मानसिक बोझ हल्का होता है।

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शिव नागेंद्रहाराय मंत्र का जाप

ॐ नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांगरागाय महेश्वराय।

नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय।।

नाग पंचमी के पावन दिन इस मंत्र का जप करने से हर प्रकार के रोग-दोष से मुक्ति मिल सकती है। भोलेनाथ और नाग देवता दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह मंत्र शिव और नाग दोनों की संयुक्त कृपा का प्रतीक है। शुद्ध भाव से जप करने पर जीवन में शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है। परिवार के कल्याण की प्रार्थना के साथ जप करें।

नाग पंचमी पर इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप कालसर्प दोष से राहत दिलाता है। शुद्ध मन और श्रद्धा के साथ किए गए जप से कई परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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