न्यूमेरेलॉजी: कौन होता है सबके कम भरोसेमंद मूलांक? इन लोगों को ना बताएं अपना सीक्रेट, टूट सकता है भरोसा
Mulank 4 Weakness: न्यूमेरेलॉजी की दुनिया में मूलांक के आधार पर ही लोगों के बारे में काफी कुछ समझा जा सकता है। आइए जानते हैं उन लोगों के बारे में जिन्हें अपने सीक्रेट्स बताने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए।

न्यूमेरेलॉजी यानी अंक ज्योतिष के हिसाब से हर व्यक्ति का एक मूलांक होता है। मूलांक हमारी ही जन्म की तारीख के योग से बनता है। इसके आधार पर ही किसी भी व्यक्ति को करीब से समझा जा सकता है। आपको जानकर हैरानी सिर्फ मूलांक की मदद से ही आप किसी भी व्यक्ति के स्वभाव, सोच और व्यवहार के बारे में काफी हद तक सही चीजें पता लगा सकते हैं। जिंदगी में हमें ऐसे कई लोग मिलते हैं जिन पर एकदम से ही भरोसा हो जाता है और किसी-किसी पर भरोसा देरी से बनता है। ऐसे में पर्सनल चीजें या फिर सीक्रेट्स हर किसी से बताना सही नहीं होता है। अब अगर पता चल जाए कि किस मूलांक के लोग दूसरों के सीक्रेट ठीक से छिपा नहीं पाते हैं तो चीजें कितनी आसान हो जाएंगी ना? तो आइए इनके बारे में ही जानते हैं।
सीक्रेट कीपर नहीं हैं इस मूलांक के लोग
न्यूमेरेलॉजी के आधार पर माना जाता है कि मूलांक 4 वाले व्यक्तियों का स्वभाव बाकी मूलांक के लोगों से काफी अलग होता है। ये लोग चीजों को अपने हिसाब से सोचते हैं और इनके दिमाग में क्या चल रहा होता है उसका अंदाजा लगा पाना थोड़ा सा मुश्किल होता है क्योंकि ये थोड़े से रहस्यमयी टाइप होते हैं। न्यूमेरेलॉजी के हिसाब से मूलांक 4 वाले लोग अच्छे सीक्रेट कीपर नहीं होते है। ऐसे में इन्हें अपने सीक्रेट्स बताना खतरे से खाली नहीं होता है। बता दें कि इस मूलांक की कैटेगरी में वो लोग आते हैं जिनका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 21 या फिर 30 तारीख को होता है।
मीनमेख निकालते हैं मूलांक 4 वाले लोग
मूलांक 4 वाले व्यक्ति हर एक चीज और स्थिति को अलग नजरिए से देखना पसंद करते हैं। अगर इन्हें कोई बात पता चलती है तो वो उसे सीधे तौर पर पहले मानते नहीं हैं। इन्हें हर चीज का मीनमेख निकालने की आदत होती है। अब ऐसे में अगर इनसे कोई सीक्रेट बताया जाए आ पर्सनल लाइफ से जुड़ी कोई चीज शेयर की जाए तो ये उसके कई मायने निकालेंगे। ऐसे में आपकी बात के अर्थ का अनर्थ भी हो सकता है।
मन की करते हैं मूलांक 4 वाले लोग
न्यूमेरेलॉजी के अनुसार मूलांक 4 वाले लोग अपने हिसाब से जिंदगी के फैसले लेते हैं। इस वजह से ये दूसरों से जुड़ी बातों को लेकर भी ऐसे ही होते हैं। अगर इन्हें किसी के बारे में कुछ पता चलता है या फिर इन्हें कोई कुछ बताता है तो वो वही मानते हैं जो इन्हें सही लगता है। ये हर बात को उस हिसाब से नहीं ले पाते हैं जैसी इन्हें पता चलती है। ऐसे में इनके मन में जो आता है वो समझ लेते हैं और उसे किसी तीसरे इंसान को अपने हिसाब से समझाते हैं। ऐसी स्थिति में गलत वो इंसान होगा जिसने मूलांक 4 वालों पर भरोसा किया।
भावनाओं में नहीं हैं बहते
मूलांकों की दुनिया में नंबर चार वालों को प्रैक्टिकल सोच वाली कैटेगरी में रखा जाता है। माना जाता है कि मूलांक 4 वाले लोग भावनाओं में बहने वाले नहीं होते हैं जोकि अच्छी चीज भी है। हालांकि यही चीज कई बार घातक भी साबित होती है क्योंकि कई बार स्थिति के हिसाब से ये दूसरों की भावनाओं की कद्र किए बिना आगे जाकर उनके सीक्रेट किसी ओर से कह सकते हैं। न्यूमेरेलॉजी के आधाक पर अगर आप इस मूलांक के लोगों को कुछ कहते हैं कि थोड़ा सेलेक्टिव रहने की कोशिश की जाए तो कोई भी दिक्कत नहीं है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस मूलांक के लोग खराब होते हैं। ये लोग मेहनत से कतराते नहीं है और काफी समझदार भी होते हैं और ऐसा इनके ग्रह स्वामी राहु के चलते होता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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