मेष राशि वालों के लिए शनि साढ़ेसाती कब छोड़ेगी पीछा, मेष राशि वालों के लिए अभी खरतरनाक स्टेज बाकी

Anuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Mesh Rashi: शनि की साढ़ेसाती हमेशा तीन राशियों पर हमेशा रहती है, एक जिस पर शनि गोचर करते हैं और शनि के गोचर वाली राशि से एक राशि ऊपर और शनि के गोच वाली से एक राशि नीचे। ये क्रम है, जो हमेशा एक जैसा रहता है।

मेष राशि वालों के लिए शनि साढ़ेसाती कब छोड़ेगी पीछा, मेष राशि वालों के लिए अभी खरतरनाक स्टेज बाकी

शनि की साढ़ेसाती हमेशा तीन राशियों पर हमेशा रहती है, एक जिस पर शनि गोचर करते हैं और शनि के गोचर वाली राशि से एक राशि ऊपर और शनि के गोच वाली से एक राशि नीचे। ये क्रम है, जो हमेशा एक जैसा रहता है। शनि एक राशि में जाने के लिए 30 साल लगाते हैं। शनि की साढ़ेसाती सात साल की होती है। इसमें तीन स्टेज होती हैं। हर स्टेज अपने आप में खास है। आपको बता दें कि शनि साढ़ेसाती के दौरान आपके साथ बुरा ही होगा, ये मत सोचें। वैदिक एस्ट्रोलॉजी के अनुसार जानें तो शनि साढ़ेसाती 7.5 साल की होती है। जब शनि उस राशि में जाते हैं जो आपके चंद्र लग्न राशि के पहले आती है, तो शनि की साढ़ेसाती लगती है। इसमें 2.5 साल के तीन चरण होते हैं। शनि साढ़ेसाती किस राशि के लिए अच्छी होती है और किस राशि के लिए दिक्कत वाली होती है, यह आपके कुंडली में ग्रहों पर निर्भर करता है। हम यहां कुछ स्थितियां बताएंगे कि जिसमें शनि साढ़ेसाती के तीन चरणों में क्या -क्या दिक्कत आती है।

शनि साढेसाती के पहले फेज में

इस दौरान आप अपनों से दूर होते हैं, आपका घर बदल जाता है, पिछले रिश्ते आपको परेशान करते हैं, पिता और संतान में गलतफहमियां बढ़ती हैं। रात को नींद नहीं आती है। आपकी कमर में और टांगों में दर्द होता है। भीड़ में भी आपको अकेला फील होता है। आप डेथ को लेकर सोचते हैं। लोग आपसे चीजें छिपाते हैं। आपको लगता है कि आप अकेलें रहें। इस फेज में आप फिर भी चीजों को झेल लेते हैं, लेकिन दूसरा फेज सबसे खरतनाक होता है?

शनि दूसरे चरण में क्या होता है

शनि साढ़ेसाती का दूसरा चरणखास माना जाता है। इस चरण को सबसे खरतनाक बताया गया है, क्योंकि इसी में शनि आपको अपने कर्मों का हिसाब देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि फेज में शनि आपकी कड़ी परीक्षा लेते हैं। इस दौरान फेक पहचान टूट जाती है। आपका करियर बिगड़ जाता है। आपको सक्सेस में देरी होती है, लेकिन क्लिएरिटी आपको मिलती है। कोई आपके सपने में आता है, जो काले कपड़े पहना होता है। आपको लीगल इश्यूज भी घेर लेते हैं। किसी चीज की लत लग जाती है। आपको पता चलता है कि आपका कौन सा दोस्त सच्चा है और कौन सा दोस्त फेक है। आपके मां से भी विवाद होते हैं। शनि साढ़ेसाती का दूसरा फेज भी आपके लिए खास है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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