मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती कब तक, जानें कैसे रहेंगे आने वाले महीने और उपाय

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Mesh Rashi Shani Sadesati Date Saturn effect: मेष राशि के लोगों को साढ़ेसाती के दौरान जीवन में अनुशासन, धैर्य और कड़ी मेहनत का परिचय देना पड़ता है। शनि जब किसी राशि से प्रथम, द्वितीय या द्वादश भाव में गोचर करते हैं, तो उस राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू होता है।

मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती कब तक, जानें कैसे रहेंगे आने वाले महीने और उपाय

Mesh Rashi Shani Sadesati Saturn effect on Aries : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती से हर व्यक्ति को अपने जीवन में कभी न कभी गुजरना ही पड़ता है। मेष राशि के जातकों के लिए शनि की साढ़ेसाती का समय बेहद महत्वपूर्ण है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव जब किसी राशि से प्रथम, द्वितीय या द्वादश (12वें) भाव में गोचर करते हैं, तो उस राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू होता है। मेष राशि के स्वामी मंगल देव हैं और मंगल व शनि के बीच शत्रुता का भाव माना जाता है। इसलिए मेष राशि के लोगों को साढ़ेसाती के दौरान जीवन में अनुशासन, धैर्य और कड़ी मेहनत का परिचय देना पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती हमेशा उस राशि पर चलती है, जिसके आगे, पीछे या स्वयं उस राशि में शनि देव गोचर कर रहे होते हैं। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार, मेष राशि पर अभी शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। आइए जानते हैं कि मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव कब से कब तक रहेगा, जीवन पर क्या असर और इससे बचने के लिए आसान उपाय-

मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती कब तक, जानें कैसे रहेंगे आने वाले महीने और उपाय

मेष राशि पर साढ़ेसाती का समय

ग्रहों की चाल और गोचर की गणना के अनुसार, यह साढ़ेसाती अगले लगभग 7.5 साल तक चलेगी, जब शनि देव मीन, मेष और फिर वृषभ राशि से होकर गुजरेंगे।

शनि देव जब मीन राशि के अंतिम हिस्से में प्रवेश करते हैं (जो कि मेष से 12वां भाव है), तब मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रथम चरण शुरू होता है।

कब खत्म होगी मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती?

मेष राशि वालों को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति लगभग 2033-2034 के आस-पास मिलेगी।

मेष राशि पर साढ़ेसाती के हर चरण का प्रभाव कैसा रहेगा?

पहला चरण

यह साढ़ेसाती की शुरुआत होती है। इस दौरान शनि आपकी राशि से ठीक एक घर पीछे होते हैं।

प्रभाव- इस चरण में मानसिक तनाव और अज्ञात भय बढ़ सकता है। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। इस समय आपको धन के लेन-देन में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। अनचाही यात्राएं भी हो सकती हैं।

दूसरा चरण

यह साढ़ेसाती का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जब शनि देव स्वयं मेष राशि में गोचर करेंगे।

प्रभाव- इस दौरान कार्यक्षेत्र में अत्यधिक मेहनत करनी पड़ेगी। बनते हुए कामों में थोड़ी देरी हो सकती है। यह समय आपके धैर्य की परीक्षा लेता है। जो लोग ईमानदारी से काम करते हैं, उन्हें करियर में बड़ा बदलाव और मान-सम्मान भी इसी चरण में मिलता है।

तीसरा चरण

जब शनि मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि (दूसरे भाव) में जाएंगे, तब आखिरी ढाई साल शुरू होंगे।

प्रभाव- यह चरण आर्थिक और पारिवारिक मामलों से जुड़ा होता है। बातचीत में थोड़ी कड़वाहट आ सकती है, जिससे परिवार के लोगों से मतभेद हो सकते हैं। लेकिन, अच्छी बात यह है कि इस चरण के खत्म होते-होते शनि देव आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि कर जाते हैं और जाते-जाते शुभ फल देकर जाते हैं।

मेष राशि वालों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  1. मेष एक अग्नि तत्व की राशि है, जिसके कारण आपमें ऊर्जा और जल्दबाजी ज्यादा होती है। शनि की साढ़ेसाती में कोई भी बड़ा फैसला (जैसे नौकरी बदलना, नया बिजनेस या बड़ा निवेश) जल्दबाजी में न करें।
  2. रिश्तों में धैर्य रखें। इस दौरान पार्टनरशिप या वैवाहिक जीवन में छोटी-मोटी गलतफहमियां हो सकती हैं। अपनी वाणी पर कंट्रोल रखें।
  3. शॉर्टकट न अपनाएं। जुआ, सट्टा, या गलत तरीके से धन कमाने की कोशिश बिल्कुल न करें।
  4. शनि देव शिक्षक की तरह हैं। वे साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को तपाकर सोने की तरह शुद्ध बनाते हैं। अगर आपका आचरण सही है, आप गरीबों और जरूरतमंदों का सम्मान करते हैं, तो यह साढ़ेसाती आपको कष्ट देने के बजाय जीवन में मेच्योर और सफल इंसान बना देगी।

साढ़ेसाती के प्रभाव से राहत पाने के आसान उपाय

  • हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
  • पीपल के पेड़ की पूजा करें।
  • जरूरतमंदों की मदद करें।
  • साढ़ेसाती के दौरान तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से पूरी तरह दूरी बना लें।
  • किसी के साथ धोखा-धड़ी या झूठ बोलने से बचें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

लेखक के बारे में

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सृष्टि चौबे पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। वह ज्योतिष, ग्रह गोचर, राशिफल, नक्षत्र परिवर्तन, अंकज्योतिष, रत्न, और वास्तु से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। पाठक-केंद्रित व आसान भाषा में जानकारी पेश करना इनके लेखन की पहचान है। धार्मिक ग्रंथों को पढ़कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और उन पर शोध करना इनकी विशेष पसंद है।

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