मेष राशि पर चल रहा साढ़ेसाती का उदय चरण, जानें शनि किस तरह के देते हैं फल और कब मिलेगी मुक्ति?

Saumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Shani Sadesati effect on mesh rashi: इस समय साढ़ेसाती तीन राशियों पर चल रही है, जिनमें से एक है मेष राशि। मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का उदय चरण चल रहा है। जानें मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव और कब मिलेगी मुक्ति।

मेष राशि पर चल रहा साढ़ेसाती का उदय चरण, जानें शनि किस तरह के देते हैं फल और कब मिलेगी मुक्ति?

Mesh rashi par shani sadesati ka prabhav: ज्योतिष शास्त्र में शनि गोचर की घटना बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। शनि गोचर के साथ ही कई राशियों पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होती है। शनि साढ़ेसाती की कुल अवधि 7.5 वर्ष की होती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती तब प्रारंभ होती है जब गोचर में शनिदेव जातक की जन्म राशि से 12वें भाव में प्रवेश करते हैं और इसके बाद दो भावों (साढ़ेसाती के तीन चरण) से गुजरते हैं। शनि लगभग एक राशि में 2.5 वर्ष तक रहते हैं। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं, जिनमें पहला उदय चरण, दूसरा मुख्य चरण और तीसरा अस्त चरण होता है। इस समय शनि मीन राशि के गोचर में हैं, जिससे मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि साढ़ेसाती का अर्थ सिर्फ दुख या कष्ट नहीं होता है। जातक की जन्मकुंडली में शनि की स्थिति के आधार पर परिणाम मिलते हैं। जानें मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव और कब मिलेगी मुक्ति।

साढ़ेसाती के उदय चरण में शनि कैसे देते हैं फल:

शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण उदय चरण कहा जाता है। उदय चरण में जातक को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। शत्रु हावी हो सकते हैं। पारिवारिक मामलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं, सहकर्मी साजिश रच सकते हैं। इस समय धन खर्च करते समय सावधानी बरतनी होगी। साढ़ेसाती के उदय चरण में आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं।

मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव:

मेष राशि पर शनि साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। यह चरण अनुशासन और अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस चरण में मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ सकता है। इस समय मेष राशि वालों को सेहत से जुड़ी परेशानी, कार्यों में बाधाएं, गुप्त शत्रुओं और धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।

मेष राशि वालों को कब मिलेगी शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति:

मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती 29 मार्च 2025 पर शुरू हुई थी। मेष राशि से शनि की साढ़ेसाती 31 मई 2032 को समाप्त हो जाएगी।

शनि साढ़ेसाती के उपाय:

1. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को काले रंग के वस्त्र, लोहे से बनी वस्तुएं, कंबल और काली उड़द आदि का दान कर सकते हैं।

2. शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का नियमित जाप करें।

3. शनि प्रकोप से बचाव के लिए हनुमान जी की आराधना अत्यंत लाभकारी मानी गई है। आप सिर्फ मंगलवार या प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

4. शनि कृपा पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करें और शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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