मेष राशि वालों पर कब तक रहेगी शनि की साढ़ेसाती? जानें शनिदेव कैसे करेंगे प्रभावित
मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती की शुरुआत साल 2025 से हो चुकी है और यह दौर 2032 तक चलेगा। कुल मिलाकर यह करीब 7.5 साल का समय होता है। अभी मेष राशि वाले साढ़ेसाती के पहले चरण में हैं। ज्योतिष में साढ़ेसाती को कठिन समय माना जाता है, लेकिन यह सिर्फ परेशानी का दौर नहीं होता।

ज्योतिषशास्त्र में शनि की साढ़ेसाती को विशेष महत्व दिया जाता है। शनि की साढ़ेसाती हर व्यक्ति पर एक न एक बार जरूर लगती है। इस समय मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती की शुरुआत साल 2025 में हुई और यह दौर 2032 तक चलेगा। कुल मिलाकर यह करीब 7.5 साल का समय होता है। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। अभी मेष राशि वाले साढ़ेसाती के पहले चरण में हैं। ज्योतिष में साढ़ेसाती को कठिन समय माना जाता है। शनि की साढ़ेसाती लगने पर व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
शनि की साढ़ेसाती कब लगती है?
शनि ढाई साल में एक बार राशि परिवर्तन करते हैं। शनि के राशि परिवर्तन को ज्योतिष में बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि के राशि परिवर्तन करने से किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाती है तो किसी राशि से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो जाता है। जब शनि राशि परिवर्तन करते हैं तब तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और दो राशियों पर शनि की ढैय्या लग जाती है। शनि जिस राशि में राशि परिवर्तन करते हैं उस पर और उससे एक राशि आगे और एक राशि पीछे पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाती है। शनि के राशि परिवर्तन करने पर ही शनि की साढ़ेसाती का चरण भी बदलता है।
साढ़ेसाती कब से कब तक रहेगी?-
शुरुआत: 2025
समाप्ति: 2032
कुल अवधि: लगभग 7.5 साल
साढ़ेसाती तीन चरणों में होती है। हर चरण का असर अलग-अलग होता है।
पहला चरण (2025 से 2027 तक)- पहले चरण का समापन 3 जून 2027 को होगा।
क्या असर पड़ता है?-
यह साढ़ेसाती की शुरुआत का समय होता है। इस दौर में इंसान को धीरे-धीरे बदलाव महसूस होने लगते हैं।
मन ज्यादा परेशान रह सकता है।
छोटी-छोटी बातों पर चिंता हो सकती है।
काम में मन कम लग सकता है।
जिम्मेदारियां बढ़ने लगती हैं।
नींद और दिनचर्या थोड़ी बिगड़ सकती है।
इस समय क्या करें?-
जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें।
खर्च सोच-समझकर करें।
सेहत पर ध्यान दें।
बेवजह की बहस से बचें।
दूसरा चरण (2027 से 2029 तक)- दूसरे चरण का समापन 8 अगस्त 2029 को होगा।
क्या असर पड़ता है?-
यह साढ़ेसाती का सबसे भारी और मुश्किल समय माना जाता है। इस दौर में चुनौतियां ज्यादा सामने आती हैं।
कामकाज में ज्यादा दबाव।
नौकरी या बिजनेस में उतार-चढ़ाव।
पैसों से जुड़ी टेंशन।
परिवार या रिश्तों में मनमुटाव।
थकान, कमजोरी या पुरानी बीमारी उभरना।
इस समय क्या करें?-
धैर्य रखें, घबराएं नहीं
गलत तरीकों से पैसा कमाने से बचें
किसी भी झगड़े में सीधे न कूदें
सेहत को हल्के में न लें
काम में ईमानदारी रखें
तीसरा चरण (2029 से 2032 तक)- तीसरे और अंतिम चरण का समापन 30 मई, 2032 को होगा। इस दिन मेष राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
क्या असर पड़ता है?
इस चरण में धीरे-धीरे हालात संभलने लगते हैं। परेशानियां कम होने लगती हैं और जीवन पटरी पर आता है।
काम में सुधार दिखने लगता है।
रुके हुए काम बनने लगते हैं।
पैसों की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होती है।
मन हल्का महसूस होने लगता है।
रिश्तों में सुलह की स्थिति बनती है।
इस समय क्या करें?-
पुराने अनुभवों से सीख लें।
जो गलतियां पहले हुईं, उन्हें दोबारा न दोहराएं।
धैर्य बनाए रखें।
खुद पर भरोसा रखें।
शनि की साढ़ेसाती के दौरान मेष राशि पर शनि का असर कैसे दिख सकता है?-
मानसिक परेशानी:
इस दौरान मन बेचैन रह सकता है, बात-बात पर टेंशन हो सकती है।
काम में चुनौतियां:
ऑफिस या बिजनेस में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, रिजल्ट देर से मिल सकता है।
पैसों की टेंशन:
खर्च बढ़ सकते हैं, अचानक पैसों की जरूरत पड़ सकती है।
सेहत कमजोर रहना:
थकान, कमजोरी या पुरानी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं।
फैसले लेने में कन्फ्यूजन:
कई बार सही-गलत समझने में परेशानी हो सकती है।
मेष राशि वालों के लिए आसान उपाय-
हनुमान चालीसा पढ़ें – मन मजबूत रहेगा।
भगवान शिव को जल चढ़ाएं – मन को शांति मिलेगी।
शनिवार को जरूरतमंद की मदद करें।
झूठ, छल-कपट से दूर रहें।
गलत तरीके से पैसा कमाने से बचें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiसंक्षिप्त विवरण
योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
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परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।
करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर
योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।
एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
राशिफल (डेली एवं वीकली)
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