मेष, कुंभ, मीन पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती, जानें किन बातों का रखें ध्यान, क्या करने से होता लाभ

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शनि की साढ़ेसाती और ढैया का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में डर बैठ जाता है। लेकिन ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि अपने काम और व्यवहार पर ध्यान देने का होता है। शनि को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है।

मेष, कुंभ, मीन पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती, जानें किन बातों का रखें ध्यान, क्या करने से होता लाभ

Shani Ki Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती और ढैया का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में डर बैठ जाता है। लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती का समय समय घबराने का नहीं, बल्कि अपने काम और व्यवहार पर ध्यान देने का होता है। शनि को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है। इसलिए इस दौरान इंसान को अपने काम ईमानदारी से करने और गलत रास्तों से बचने की सलाह दी जाती है।

इन राशियों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती

इस समय शनि मीन राशि में हैं। इसके चलते मीन, कुंभ और मेष राशि के जातक साढ़ेसाती के प्रभाव में माने जा रहे हैं। वहीं सिंह और धनु राशि के लोगों पर शनि की ढैया चल रही है। ज्योतिष में माना जाता है कि यह समय व्यक्ति को जिम्मेदार बनाता है और जीवन की कई अहम बातें सिखाता है।

साढ़ेसाती और ढैया में क्या करना चाहिए?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद करना अच्छा माना जाता है। गरीबों को भोजन कराना, मजदूरों की सहायता करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है। कई लोग शनिवार को सरसों का तेल, काले कपड़े या लोहे की वस्तुओं का दान भी करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ भी लाभकारी माना जाता है। नियमित पूजा-पाठ से मन शांत रहता है और नकारात्मक सोच कम होती है।

मजदूरों और कर्मचारियों का सम्मान करें

शनि का संबंध मेहनत करने वाले लोगों से जोड़ा जाता है। ऐसे में घर, दफ्तर या कारोबार में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। उन्हें सम्मान देना और समय पर मेहनताना देना भी अच्छे कर्मों में गिना जाता है।

जीव-जंतुओं की सेवा को भी माना जाता है शुभ

कई धार्मिक मान्यताओं में कौवों को रोटी खिलाने, कुत्तों को भोजन देने और चींटियों के लिए आटा डालने को शुभ माना गया है। माना जाता है कि ऐसे कामों से पुण्य मिलता है और मन में सकारात्मकता बनी रहती है।

क्या इस दौरान शादी या नया काम किया जा सकता है?

अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि साढ़ेसाती या ढैया में शादी, घर खरीदना या नया कारोबार शुरू करना चाहिए या नहीं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ऐसा कोई नियम नहीं है कि इस समय शुभ काम नहीं किए जा सकते। हां, किसी भी बड़े फैसले को सोच-समझकर लेना चाहिए। बिना योजना के कोई कदम उठाने से बचना बेहतर माना जाता है।

किन बातों से बचना चाहिए?

माना जाता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। इस दौरान व्यक्ति को गलत कार्यों से बचना चाहिए। इस समय अच्छे काम करना, अनुशासन में रहना और सही रास्ते पर चलना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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