शनि की साढ़ेसाती से कब मिलेगी राहत? मेष, कुंभ और मीन राशि वाले जान लें अपनी डेट

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शनि की साढ़ेसाती का नाम आते ही ज्यादातर लोग टेंशन में आ जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसका लंबा समय माना जाता है। करीब साढ़े सात साल तक चलने वाली यह स्थिति इंसान की जिंदगी में कई बदलाव लेकर आती है। हालांकि हर किसी के लिए यह समय सिर्फ परेशानी भरा हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

शनि की साढ़ेसाती से कब मिलेगी राहत? मेष, कुंभ और मीन राशि वाले जान लें अपनी डेट

शनि की साढ़ेसाती का नाम आते ही ज्यादातर लोग टेंशन में आ जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसका लंबा समय माना जाता है। करीब साढ़े सात साल तक चलने वाली यह स्थिति इंसान की जिंदगी में कई बदलाव लेकर आती है। हालांकि हर किसी के लिए यह समय सिर्फ परेशानी भरा हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई लोगों को इसी दौरान मेहनत का अच्छा रिजल्ट भी मिलता है। बस फर्क इतना होता है कि चीजें थोड़ी देर से मिलती हैं और धैर्य रखना पड़ता है।

इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। तीनों राशियों के लिए इसका असर और खत्म होने का समय अलग-अलग है।

मेष राशि

मेष राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती 29 मार्च 2025 से शुरू हुई है। अभी इसका पहला चरण चल रहा है। शुरुआत के समय अक्सर जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। काम का दबाव महसूस हो सकता है और मन भी थोड़ा परेशान रह सकता है। आने वाले कुछ सालों में धीरे-धीरे हालात संभलने लगेंगे। मेष राशि वालों को पूरी राहत 31 मई 2032 के बाद मिलेगी, जब शनि मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए राहत की खबर है। इनकी साढ़ेसाती अब आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। इस दौर में धीरे-धीरे परेशानियां कम होने लगती हैं और रुके काम भी बनने लगते हैं। 3 जून 2027 को शनि के राशि परिवर्तन करते ही कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए अभी थोड़ा कठिन समय बाकी माना जा रहा है। 3 जून 2027 से इन पर दूसरा चरण शुरू होगा। ज्योतिष में इसे सबसे भारी चरण माना जाता है। इस दौरान पैसों, काम और मानसिक तनाव को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत पड़ सकती है। मीन राशि वालों को 8 अगस्त 2029 के बाद राहत मिलने लगेगी।

शनि की साढ़ेसाती के आसान उपाय

शनिवार को शनि देव की पूजा करें।

पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

जरूरतमंद लोगों को काला तिल, उड़द दाल या काले कपड़े दान करें।

हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।

शनि मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें।

किसी का दिल दुखाने और गलत कामों से बचें।

मेहनत और अनुशासन बनाए रखें।

बुजुर्गों और गरीब लोगों की सेवा करें।

शनिवार को लोहे की चीजें दान करना भी अच्छा माना जाता है।

गुस्से और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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