Budh Vakri 2026: कुंभ राशि में बुध की उलटी चाल, 21 मार्च तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत, बाकी रहें सावधान

Feb 26, 2026 03:35 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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26 फरवरी यानी आज से बुध ग्रह कुंभ राशि में वक्री चाल में प्रवेश कर रहा है। यह स्थिति 21 मार्च 2026 तक बनी रहेगी। बुध को ज्योतिष में बुद्धि, सोच-विचार, बातचीत, फैसले, कागजी काम, मोबाइल, लैपटॉप और रोजमर्रा के कम्युनिकेशन का कारक ग्रह माना जाता है।

Budh Vakri 2026: कुंभ राशि में बुध की उलटी चाल, 21 मार्च तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत, बाकी रहें सावधान

Budh Vakri 2026: 26 फरवरी यानी आज से बुध ग्रह कुंभ राशि में वक्री चाल में प्रवेश कर रहा है। यह स्थिति 21 मार्च 2026 तक बनी रहेगी। बुध को ज्योतिष में बुद्धि, सोच-विचार, बातचीत, फैसले, कागजी काम, मोबाइल, लैपटॉप और रोजमर्रा के कम्युनिकेशन का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में जब बुध उलटी चाल चलता है, तो इसका असर सीधे तौर पर हमारी बातचीत, कामकाज और फैसलों पर दिखता है। जिन लोगों का काम लिखने-पढ़ने, बोलने, ऑनलाइन काम, डील करने या टेक्नोलॉजी से जुड़ा होता है, उनके लिए यह समय थोड़ा चुनौती भरा माना जाता है। हालांकि ज्योतिष यह भी कहता है कि बुध वक्री सिर्फ नुकसान ही नहीं करता। कई लोगों के लिए यह समय पुराने अटके काम पूरे कराने वाला भी साबित होता है। पुराने दोस्त, रिश्तेदार या संपर्क में रहे लोग दोबारा जिंदगी में लौट सकते हैं। पुराने प्लान पर फिर से काम शुरू हो सकता है। आइए जानते हैं, बुध के वक्री होने से किसे होगा फायदा और किसे रहना होगा सावधान-

इन राशियों के लिए बुध वक्री फायदेमंद रह सकता है

मेष राशि- इस दौरान अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं। जिन लोगों ने पहले किसी को उधार दिया था या कहीं फंसा हुआ पेमेंट है, उसमें राहत मिल सकती है। पुराने दोस्तों से मुलाकात या बातचीत हो सकती है, जिससे मन हल्का रहेगा। हालांकि निवेश या किसी नई स्कीम में पैसा लगाने से पहले अच्छे से जांच-पड़ताल कर लेना बेहतर रहेगा।

वृषभ राशि- ऑफिस या काम की जगह पर आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है। सीनियर या बॉस आपकी बातों को महत्व देंगे। लंबे समय से जिस काम पर मेहनत कर रहे थे, उसका नतीजा अब दिख सकता है। बस ध्यान यही रखना है कि हड़बड़ी में कोई फैसला न लें और हर डॉक्यूमेंट को ठीक से पढ़कर ही साइन करें।

मिथुन राशि- रुके हुए काम धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकते हैं। किसी पुराने प्रोजेक्ट पर दोबारा काम शुरू हो सकता है। यात्रा या किसी धार्मिक जगह पर जाने का प्लान भी बन सकता है। इस दौरान कागजी काम, फॉर्म भरने या किसी एग्रीमेंट में सावधानी बहुत जरूरी है, वरना छोटी गलती बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है।

सिंह राशि- रिश्तों के लिहाज से यह समय ठीक कहा जा सकता है। पार्टनर के साथ गलतफहमियां दूर हो सकती हैं और बातचीत से रिश्तों में सुधार आएगा। जो लोग सिंगल हैं, उनके जीवन में कोई पुराना परिचित दोबारा एंट्री ले सकता है। ध्यान बस इतना रखना है कि अपनी जिद या अहंकार को रिश्तों के बीच न आने दें।

तुला राशि- जो लोग क्रिएटिव फील्ड में हैं या जिनका काम कंटेंट, डिजाइन, आर्ट या सोशल मीडिया से जुड़ा है, उनके लिए यह समय नए मौके ला सकता है। रिलेशनशिप में मिठास बनी रह सकती है। अचानक कहीं से पैसे का छोटा लाभ भी मिल सकता है, लेकिन खर्च करते समय संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

वृश्चिक राशि- घर-परिवार से जुड़ी जो बातें लंबे समय से उलझी हुई थीं, वे सुलझ सकती हैं। प्रॉपर्टी, वाहन या घर से जुड़े मामलों में राहत मिलने के योग हैं। पुराने घरेलू विवाद बातचीत से खत्म हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिलेगा।

इन राशियों को बुध वक्री के दौरान सतर्क रहना चाहिए

कर्क राशि- इस समय छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें। परिवार के किसी बड़े या भरोसेमंद व्यक्ति से सलाह जरूर लें। नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है, इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा।

कन्या राशि- नौकरी या कामकाज में बदलाव या ट्रांसफर की स्थिति बन सकती है। काम में देरी हो सकती है, जिससे मन परेशान रहेगा। ऐसे में धैर्य रखना ही सबसे बड़ा उपाय है। जो चीजें आपके कंट्रोल में नहीं हैं, उन पर ज्यादा तनाव न लें।

धनु राशि- भाई-बहनों या करीबी लोगों से बहस होने की आशंका है। बातचीत में शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। यात्रा के दौरान दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए निकलने से पहले प्लान ठीक से बना लें और जरूरी कागजात साथ रखें।

मकर राशि- आप कुछ कहेंगे और सामने वाला कुछ और समझ सकता है। कम्युनिकेशन में गड़बड़ी हो सकती है। गले या आवाज से जुड़ी हल्की परेशानी भी हो सकती है, इसलिए ठंडी चीजों से बचें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।

कुंभ राशि- बुध आपकी ही राशि में वक्री हो रहा है, इसलिए कन्फ्यूजन ज्यादा रह सकता है। फैसले लेने में दिक्कत आ सकती है। दिमाग पर बेवजह का प्रेशर न लें और जरूरी कामों को लिखकर करें ताकि भूल-चूक न हो। शांत रहना और जल्दबाजी से बचना आपके लिए सबसे जरूरी रहेगा।

मीन राशि- पैसों के मामले में जोखिम लेने से बचें। कहीं भी पैसा लगाने या उधार देने से पहले दो बार सोचें। गाड़ी चलाते समय सावधानी रखें। घर के किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है, इसलिए नजर बनाए रखें।

बुध वक्री में क्या करें, क्या न करें- इस दौरान जरूरी है कि आप पुराने काम पूरे करें, अधूरे प्रोजेक्ट निपटाएं और रिश्तों में चल रही गलतफहमियों को बातचीत से सुलझाएं। नए काम की शुरुआत, बड़ी खरीदारी या जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना बेहतर रहेगा। हर मैसेज, ईमेल और कागज को भेजने से पहले एक बार जरूर पढ़ लें। कुल मिलाकर, बुध वक्री का समय डरने का नहीं, संभलकर चलने का होता है। अगर आप धैर्य रखेंगे और सोच-समझकर कदम उठाएंगे, तो यह दौर आपके लिए नुकसान के बजाय सीख और सुधार का मौका बन सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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