मीन राशि पर साढ़ेसाती की परेशानियां 2027 से और बढ़ेंगी, 2032 तक रहेगा साढ़ेसाती का असर, उपाय भी जेंगे लाभ
मीन राशि पर साढ़ेसाती अभी चल रही है, लेकिन इस राशि पर परेशानियां 2027 से और बढ़ेंगी, 2032 तक साढ़ेसाती का असर रहेगा। ऐसे में इस राशि के लोगों को क्या करना चाहिए यहां जानें

Shani Sade Sati: ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का देवता कहा गया है। शनि अपनी साढ़ेसाती में सबसे अधिक कष्ट देते हैं, लेकिन ये आपके कर्मों के अनुसार होता है। शनि की साढ़ेसाती को तीन भागों में बांटा जाता है। ढ़ाई-ढ़ाई साल के तीन चरण होते हैं। इन चरणों में शनि का असर आपकी लाइफ के अलग-अलग पहलुओं पर होता है। धन पर, आपकी हेल्थ पर और आपके रिलेशनशिप पर। इस दौरान धैर्य और मेहनत से जो इस परीक्षा को पास कर लेता है, उसे शनि की कृपा मिलती है। आज हम गुरु की मीन राशि पर बात करेंगे। शनि की साढ़ेसाती अभी मीन राशि पर चल रही है। शनि इस राशि के लोगों साल 2032 तक प्रभावित करेंगे। अभी शनि की साढ़ेसाती का इस राशि पर दूसरा चरण चल रहा है, इसके बाद साल 2027 से जब शनि मेष राशि में गोचर करेंगे तो साढ़ेसाती का तीसरा चरण शुरू होगा। आइए जानते हैं इन चरणों में मीन राशि के लोगों के लिए क्या असर होगा। यहां हम कुछ उपाय भी बता रहे हैं जो आपको इस दौरान करने चाहिए।
मीन राशि पर शनि साढ़ेसाती के दूसरे चरण और तीसरे चरण में क्या होगा?
मीन राशि में शनि का पहला चरण खत्म हो गया है। इस समय में आर्थिक परेशानियां आपके सामने आई है, लेकिन आपको धैर्य से और सच्चाई से इन चीजों का सामना करना है। अब दूसरे चरण और तीसरे चरण में आपको करियर, हेल्थ, आर्थिक स्थिति और रिश्तों से जुड़े फैसले सोच समझकर लेने होंगे। यह शनि की परीक्षा है, इसलिए सोच समझकर काम करें। बिना सोचे विचारे और प्लानिंग से आपको दिककतों का सामना करना पड़ सकता है। अपने खर्चों को नियंत्रण करें
मीन राशि पर शनि साढ़ेसाती वाले क्या उपाय करें
द्वितीय चरण में मीन राशि के लोगों को कम से कम तीन काले कुत्तों को शनिवार के दिन मीठी रोटी खिलायें। किसी अंध व्यक्ति की सेवा करना चाहिए। घोड़े के नाल की अंगूठी धारण करें। वटवृक्ष (बरगद) की जड़ में दूध डालें।
तृतीय चरण के शनि की साढ़ेसाती के उपाय--
रोज सुबह उठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। रोज सूर्योदय से पहले शराब कच्ची जमीन पर दरवाजे से बाहर गिरायें। मंदिर में नंगे पैर दर्शन करने जाएं। घोड़े की नाल का छल्ला बनवाकर धारण करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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