Masik Shivratri Upay: आज मासिक शिवरात्रि पर करें ये उपाय, 3 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

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अधिकमास में पड़ रही आज की मासिक शिवरात्रि को धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है। जानिए आज के दिन किन उपायों को करने से मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना को भगवान शिव पूरी कर देते हैं?

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आज मासिक शिवरात्रि है। हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही इसकी पूजा होती है। हालांकि इस बार की मासिक शिवरात्रि अपने आप में ही खास है। इस बार ये शिवरात्रि अधिकमास यानी मलमास में पड़ी है। ऐसा दुर्लभ योग 3 साल के बाद ही आता है। ऐसे में माना जा रहा है कि आज की पूजा और रखा गया व्रत सारे पुण्य और फल दोगुना होकर ही मिलेंगे। मान्यता है कि इस दिन अगर सच्चे मन से पूजा की जाए और कुछ उपाय कर लिए जाए तो भगवान शिव के साथ-साथ मां पार्वती और विष्णु जी का भी आशीर्वाद मिलता है। वहीं विवाह, प्रेम और दांपत्य जीवन से जुड़ी हर मुश्किलें दूर हो जाती है। ऐसी भी मान्यता है कि आज अगर सच्चे मन से मनाचाहा जीवनसाधी पाने की कामना की जाए तो भगवान शिव इस मनोकामना को जरूर पूरा करते हैं।

मासिक शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है और इसकी पूजा का मुख्य रूप से निशिता काल में की जाती है। द्रिक पंचांग के हिसाब से चतुर्दशी तिथि की शुरुआत आज शाम 4:07 बजे से होगी। वहीं इसका समापन कल दोपहर में 12:19 बजे होगा। शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में ही की जाती है इसी वजह से इसका व्रत आज ही रखा जाएगा।

मासिक शिवरात्रि के उपाय

1. आज भगवान शिव और मां पार्वती की एक साथ पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें। मां पार्वती को श्रृंगार का सामान चढ़ाएं। आज ऐसा करेंगे तो मनचाहा जीवनशादी मिलने के योग और भी मजबूत हो जाएंगे।

2. आज दिन में कम से कम 108 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप जरूर करें। इसके अलावा ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ मंत्र का जाप करना भी लाभकारी होगा।

3. इस बात का ध्यान रखें कि आज शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर चढ़ाएं। मान्यता है कि इससे शादी में आ रही बाधाएं भगवान शिव धीरे-धीरे दूर करते हैं और फिर सारी चीजें सही होती जाती हैं।

मासिक शिवरात्रि के व्रत के नियम

आज श्रद्धा अनुसार निर्जला व्रत रखा रख सकते हैं। कई लोग फलाहर भी व्रत भी करते हैं। अपनी क्षमका के अनुसार आप किसी भी तरह का व्रत रख सकते हैं। बस कोशिश करें कि इस दौरान अपना मन शांत रखें। इसके अलावा किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूर रहें। ना किसी की बुराई करें और ना ही किसी से झूठ बोलें।

डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
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