Masik Shivratri Puja Muhurat: रात में 52 मिनट के लिए होगा मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त, ना करें ये गलतियां
आज मासिक शिवरात्रि है। जानें आज की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और आज किन गलतियों को करने से बचना है? नीचे विस्तार में जानें मासिक शिवरात्रि की पूजा से जुड़ी हर चीज…

आज साल की पहली 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि है। शिवभक्तों के लिए आज का दिन बेहद ही खास है। इस खास दिन पर भगवान शिव को पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से अगर आज व्रत रखा जाए या फिर शिवजी की पूजा की जाए तो हर एक मनोकामना पूरी होती है। हालांकि इस दिन कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। नीचे जानें कि आज पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें कि मासिक शिवरात्रि की पूजा कैसी होती है?
मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के हिसाब से आज सुबह 10:51 बजे से माघ महीने के कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। ये 18 जनवरी को रात में 12:33 पर खत्म होगी। आज रात के समय में भगवान शिव, मां पार्वती और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाएगी। आज पूजा का मुहूर्त देर रात में है। पूजा 11:42 बजे से लेकर 12:34 बजे तक कर सकते हैं।
मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े धारण कर लें। पूजा घर को साफ करके यहां पर भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर के आगे दीप जलाएं। साथ ही गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही और घी अर्पित करें। इस खास दिन पर भगवान शिव के साथ-साथ मां पार्वती और भगवान गणेश को भी पूजा जाता है। मासिक शिवरात्रि के दिन शिव मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप 108 बार जरूर करें। साथ ही शिव चालीसा और मासिक शिवरात्रि कथा का पाठ करें। पूजा के बाद भोग लगाएं और फिर सात्विक चीजों को ग्रहण करें।
आज ना करें गलतियां
अब जान लेते हैं कि आखिर इस दिन किन गलतियों से बचना चाहिए? बता दें कि आज के दिन लहसुन, प्याज समेत सभी तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। वहीं अगर आप व्रत रख रहे हैं तो कोशिश करें कि ये पूरा हो। इस व्रत के टूटने को शुभ संकेत के रूप में नहीं देखा जाता है। पूजा शुरू करने से पहले ध्यान दें कि आसपास कुछ भी गंदा ना हो। कोई भी अशुद्ध वस्तु पूजा घर में होने से पूजा अधूरी मानी जाती है। अगर आप व्रत रख रहे हैं तो अपने मन को पूरी तरह से शांत रखें। किसी के भी प्रति मन में नेगेटिव ख्याल ना लाएं। गुस्से पर कंट्रोल करें और किसी के लिए भी मुंह से खराब शब्द ना निकालें। आप खुद को जितना शांत रखेंगे, उतना सही होगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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