
2026 में कब-कब पड़ेगी मासिक शिवरात्रि? महाशिवरात्रि, सावन शिवरात्रि की डेट कर लें नोट
पंचांग के मुताबिक प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस तरह पूरे साल में 12 बार मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इनमें से फाल्गुन मास में आने वाली मासिक शिवरात्रि का सबसे ज्यादा महत्व होता है। चलिए जानते हैं 2026 में कब-कब पड़ेगी शिवरात्रि।
हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का खास महत्व होता है। यह भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन महादेव के साथ ही माता पार्वती की पूजा की जाती है। पंचांग के मुताबिक प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस तरह पूरे साल में 12 बार मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इनमें से फाल्गुन मास में आने वाली मासिक शिवरात्रि का सबसे ज्यादा महत्व होता है। फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि साल 2026 में मासिक शिवरात्रि कब-कब पड़ेगी। साथ ही सावन की शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के डेट भी जानेंगे।
साल 2026 का पहली मासिक शिवरात्रि
जनवरी माह में मासिक शिवरात्रि का व्रत 16 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। इस दिन माघ माह की कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ 16 जनवरी को रात 10 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त 18 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर होगा।
फरवरी 2026 में महाशिवरात्रि
फरवरी में पड़ने मासिक शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाएगा। महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। इस दिन फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा।
मार्च 2026
17 मार्च को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। इस दिन चैत्र कृष्ण चतुर्दशी तिथि 17 मार्च को सुबह 9 बजकर 23 मिनट से 18 मार्च के सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
अप्रैल 2026
इस माह में मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन वैशाख कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट से आरंभ होगा और समाप्त 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर होगा।
मई 2026
15 मई को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। हिंदू पंचांग में मई को ज्येष्ठ का महीना कहा जाता है। ज्येष्ठ माह की कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा। कृष्ण चतुर्दशी तिथि का समापन सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा।
जून 2026
13 जून 2026 को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। मासिक शिवरात्रि के दिन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ शाम 4 बजकर 7 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर होगा।
जुलाई 2026
मासिक शिवरात्रि का व्रत 12 जुलाई को रखा जाएगा। आषाढ़ माह की कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होगा।
अगस्त 2026
अगस्त में आने वाली मासिक शिवरात्रि को श्रावण शिवरात्रि भी कहा जाता है। श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ 11 अगस्त को सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि का समापन 12 अगस्त को सुबह 1 बजकर 52 मिनट पर होगा। मासिक शिवरात्रि का व्रत 11 अगस्त को रखा जाएगा।
सितंबर 2026
मासिक शिवरात्रि का व्रत 9 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी तिथि 9 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 10 फरवरी को सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर होगा।
अक्टूबर 2026
मासिक शिवरात्रि का व्रत 8 अक्टूबर को रखा जाएगा। अश्विन माह के कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 अक्टूबर को रात 10 बजकर 15 मिनट पर प्रारंभ होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त 9 अक्टूबर को रात 9 बजकर 35 मिनट पर होगा।
नवंबर 2026
मासिक शिवरात्रि का व्रत 7 नवंबर को रखा जाएगा। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर होगा।
दिसंबर 2026
मासिक शिवरात्रि का व्रत 7 दिसंबर 2026 को रखा जाएगा। मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 7 दिसंबर को सुबह 2 बजकर 22 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि समाप्त 8 फरवरी को सुबह 4 बजकर 12 मिनट पर होगा।
कब है महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि
बता दें कि साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी दिन रविवार को है। वहीं, 2026 में सावन शिवरात्रि या श्रावण शिवरात्रि 11 अगस्त दिन मंगलवार को है।
व्रत से लाभ
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पूरे परिवार की विधि विधान से पूजा करते हैं। भगवान भोलेनाथ की कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्ट मिटते हैं।
डिस्क्लेमर: (इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)





