Masik Shivratri 2026: कल है चैत्र महीने की मासिक शिवरात्रि, सिर्फ 48 मिनट ही होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, अभी कर लें नोट

Mar 16, 2026 03:30 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Masik Shivratri Shubh Muhurat 2026: हर महीने कृ्ष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। हिंदू पंचांग के हिसाब से इस चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 17 मार्च की सुबह से हो रही है। ऐसे में चैत्र महीने की मासिक शिवरात्रि कल मनाई जाएगी। 

Masik Shivratri 2026: कल है चैत्र महीने की मासिक शिवरात्रि, सिर्फ 48 मिनट ही होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, अभी कर लें नोट

शिव भक्तों के लिए शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का खास महत्व होता है। वहीं हर महीने वाली पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि की पूजा भी काफी अहम होती है। बता दें कि साल में 12 मासिक शिवरात्रि पड़ती है। मान्यता है कि इस दौरान जो कोई भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करता है तो उसे मनपसंदीदा जीवनसाथी जरूर मिलता है। वहीं भगवान शिव और मां पार्वती के आशीर्वाद से जीवन में आने वाली सारी बाधाएं खत्म हो जाती है। कल यानी 17 मार्च को चैत्र महीने की मासिक शिवरात्रि है। जानिए कि इस महीने की मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें पूजा का शुभ मुहूर्त।

17 मार्च को मासिक शिवरात्रि

बता दें कि हर महीने जब भी कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आती है तब मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस महीने कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि की शुरुआत कल यानी 17 मार्च से हो रही है। तिथि के शुरु होने का समय सुबह 9 बजकर 23 मिनट है। इस तिथि का समापन 18 मार्च को होगा। समापन का समय 8 बजकर 25 मिनट है।

मासिक शिवरात्रि पूजा शुभ मुहूर्त

बात करें पूजा के शुभ मुहूर्त की तो भगवान शिव की पूजा तो वैसे कभी भी कर सकते हैं लेकिन माना जाता है कि इसके लिए दो मुहूर्त सबसे अच्छे होते हैं। एक मुहूर्त प्रदोष काल वाला होता है। तो वहीं दूसरा निशिता काल माना जाता है। वहीं माना जाता है कि अगर मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में की जाए तो ये और भी शुभ होता है। पंचांग के हिसाब से 17 मार्च की रात का निशिता काल का समय रात में 12 बजकर 7 मिनट से शुरु होतर 12 बजकर 55 मिनट तक चलेगा। पंचांग के हिसाब से पूजा के लिए कुल 48 मिनट का ये शुभ मुहूर्त बहुत ही खास रहने वाला है।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि आसान तरीके से समझते हैं। बता दें कि इस दिन पूजा करने के लिए सुबह उठकर स्नान करें। साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। भगवान शिव की तस्वीर या फिर मूर्ति के आगे व्रत का संकप्ल लें। मंदिर की साफ-सफाई कर लें। भगवान शिव और मां पार्वती की तस्वीर या फिर मूर्ति को चौकी पर कपड़ा बिछाकर रख दें। कोशिश करें कि कपड़ा लाल रंग का ही हो।

ऐसे करें शिवलिंग का जलाभिषेक

शिवलिंग का जलाभिषेक गंगाजल, दही, दूध, शहद से करें। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं। ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। बाद में भगवान शिव की चालीसा का पाठ करें। इसके बाद भूल-चूक होने के लिए माफी मांग लें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


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वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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