Plamistry: आपके हाथ में विवाह रेखा कहां है और कैसी विवाह रेखा से होता है विवाह शुभ
Marriage line palmistry: आपके हाथ में विवाह की रेखा कहां है और कैसी विवाह की रेखा अच्छी मानी जाती है, इससे जुड़ी चीजें जानने के लिए आप यहां पढ़ सकते हैं।

आपके हाथ में हथेली के बाहरी तरफ सबसे छोटी उंगली के नीचे विवाह रेखा मानी जाती है। विवाह का संबंध गुरु से होता है। इसलिए अगर आपकी शादी में बार-बार रुकावट आ रही हो या रिश्ता तय होकर टूट जाता हो, तो गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा और लक्ष्मी-नारायण की आराधना लाभकारी मानी जाती है। यहां हम आपको बताएंगे कि कैसी विवाह रेखा अच्छी मानी जाती है और कैसी विवाह रेखा अच्छी नहीं मानी जाती है।इस पर निशान, इस पर चिह्न आदि का भी आपकी लाइफ पर क्या असर होता है। यह भी देखा जाता है। यहां आप हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार इसे जान सकते हैं।
कैसी विवाह रेखा मानी जाती है शुभ
यदि दाएं हाथ में दो विवाह रेखा है और बाएं हाथ में एक रेखा है तो ऐसे लोगों की पत्नी अपने पति के का अच्छा ध्यान रखती है। इन दोनों की वैवाहिक जिंदगी भी अच्छी गुजरती है। इनका वैवाहिक जीवन सुखी होता है। ज्योतिष में अगर हाथ में विवाह रेखा साफ और सीधी दिख रही है, तो इसे अच्छा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे लाइफ पार्टनर से आपके रिश्ते अच्छे होते हैं। यह भी कहा जाता है कि थोड़ा ऊपर की ओर झुकी हो तो विवाह के बाद व्यक्ति की तरक्की होती है।
कैसी विवाह रेखा नहीं मानी जाती है शुभ
अगर आपके हाथ में विवाह-रेखा पर क्रॉस का चिह्न हो तो इसे अच्छा नहीं कहा जाता है। वेवाहिक जीवन में इससे काफी क्लेश और बाधा का सामना करना पड़ सकता है। अगर विवाह-रेखा के आखिर में त्रिशूलाकृति (तीन शाखायुक्त) हो तो पति और पत्नी में प्यार नहीं माना जाता है। अगर विवाह-रेखा पर काला दाग हो तो जातक विधवा या विघुर होता है।इस लक्षण मे शीर्ष-रेखा पर द्वीप के स्थान में क्रॉस, छोटी आड़ी रेखा या विन्दु-चिह्न हो तो भी यही फल बताना चाहिए ।
विवाह रेखा छोटी उंगली यानी कनिष्ठा उंगली के नीचे बुध पर्वत पर होती है, तो कहा जाता है कि यह रेखा जितनी साफ, गहरी और स्पष्ट होगी, वैवाहिक जीवन उतना ही सुखद माना जाता है। अगर यह रेखा हृदय रेखा के काफी पास हो, तो शादी 20 से 24 वर्ष की उम्र में होने की संभावना रहती है।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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