
Margashirsha purnima upaay: मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत आज, चंद्रोदय समय, करें चंद्रमा , लक्ष्मी जी से जुड़े ये उपाय
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है। खास तौर पर स्नान और दान के लिए यह पूर्णिमा बहुत खास मानी जाती है। कहा जाता है कि मार्गीशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु को शंख से स्नान कराना चाहिए
margashirsha purnima upaay : मार्गशीर्ष पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है। खास तौर पर स्नान और दान के लिए यह पूर्णिमा बहुत खास मानी जाती है। कहा जाता है कि मार्गीशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु को शंख से स्नान कराना चाहिए और उन्हें तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा भगवान पर गोपी चंदन लगाने से भी वो बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस दिन भगवान दत्तात्रेय की जयंती भी मनाई जाती है। आइए जानें इस दिन क्या करना चाहिए।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि और कब निकलेगा चंद्रमा
मार्गशीर्ष पूर्णिमा की तिथि आज 4 दिसंबर को सुबह 08:37 बजे प्रारंभ होगी और अगले दिन 5 दिसंबर तक तड़के 04:43 बजे समाप्त होगी। इसलिए आज 4 दिसंबर को ही पूर्णिमा व्रत किया जाएगा। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा और कथा की जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान किया जाता है। पूरे दिन व्रत रखकर शाम को चंद्रमा की पूजा की जाती है। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने से चंद्रमा के दोष समाप्त होते हैं और व्रत पूरा माना जाता है। 4 दिसंबर को शाम 04:35 बजे चंद्रोदय होगा।
इस दिन चंद्रमा , लक्ष्मी माता और तुलसी के क्या उपाय करें
इस दिन खास तौर पर मंदिरों में लोग शाम को चंद्र दर्शन के लिए जाते हैं, अगर चंद्रमा आपकी कुंडली में कमजोर है, तो आपको इस दिन चंद्रमा को जल, दूध और मिश्री मिलाकर अर्घ्य देना चाहिए। ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन तुलसी माता की पूजा भी खास मानी जाती है। शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जालाना चाहिए। आप पीपल के पेड़ पर, घर की चौखट पर और नदियों के किनारे दीप जला सकते हैं। इसके अलावा इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ भी बहुत उत्तम माना गया है। ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करें। इस दिन मां लक्ष्मी को खीर से भोग लगाएं। इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





