
मार्गशीर्ष या अगहन माह कब से कब तक? जानें इस माह में क्या करना चाहिए व व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
Margashirsha Mahine me kya karna chaiye: मार्गशीर्ष माह का हिंदू धर्म में खास महत्व है। मान्यता है कि इस माह में किए गए कुछ कार्यों से पुण्यफलों की प्राप्ति होती है। जानें भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय माह मार्गशीर्ष में क्या करना चाहिए, इसका महत्व व व्रत-त्योहारों की फुल लिस्ट।
Margashirsha month 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार 6 नवंबर 2025, गुरुवार से मार्गशीर्ष माह की शुरुआत हो गई है। मार्गशीर्ष माह को अगहन महीने के नाम से भी जानते हैं। यह हिंदू पंचांग का नौवां महीना होता है। हिंदू धर्म ग्रंथों में मार्गशीर्ष या अगहन महीने का खास महत्व वर्णित है। यह महीना भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। मान्यता है कि इस माह में किए गए स्नान-दान व दीप दान से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है।
मार्गशीर्ष माह का महत्व: श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कहते हैं कि वह माह में मार्गशीर्ष हैं। इस माह में ही भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। कहा जाता है कि अगर मार्गशीर्ष या अगहन माह में लड्डू गोपाल की विधि-विधान से पूजा की जाए तो भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
मार्गशीर्ष माह कब से कब तक रहेगा: हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मार्गशीर्ष माह की शुरुआत होती है और मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा के साथ समापन होता है। इस बार मार्गशीर्ष माह 6 नवंबर 2025, गुरुवार से 4 दिसंबर 2025 तक रहेगा।
मार्गशीर्ष माह में क्या करना चाहिए:
1. मार्गशीर्ष महीने में भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। आप भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की भी उपासना कर सकते हैं।
2. इस माह में पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
3. मार्गशीर्ष माह में नियमित रूप से तुलसी पूजन करना चाहिए और तुलसी के पौधे के नीचे सुबह-शाम दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
4. मार्गशीर्ष माह में मुख्य द्वार पर रोजाना दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
5. इस माह में दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अगहन महीने में अन्न, वस्त्र, गुड़, कंबल व धन का दान करने से करियर में तरक्की मिलती है।
मार्गशीर्ष माह में आएंगे ये व्रत-त्योहार:
संकष्टी चतुर्थी- 8 नवंबर, शनिवार
कालभैरव जयंती- 12 नवंबर, बुधवार
उत्पन्ना एकादशी- 15 नवंबर, शनिवार
वृश्चिक संक्रांति- 16 नवंबर, रविवार
सोम प्रदोष व्रत- 17 नवंबर, सोमवार
मासिक शिवरात्रि- 18 नवंबर, मंगलवार
मार्गशीर्ष अमावस्या- 20 नवंबर, गुरुवार
विवाह पंचमी- 25 नवंबर, मंगलवार
स्कन्द षष्ठी- 26 नवंबर, बुधवार
दुर्गाष्टमी व्रत- 28 नवंबर, शुक्रवार
मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती- 1 दिसंबर, सोमवार
भौम प्रदोष व्रत, मत्स्य द्वादशी- 2 दिसंबर, मंगलवार
मार्गशीर्ष पूर्णिमा- 4 दिसंबर, गुरुवार
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





