March Vivah Muhurat 2026: मार्च में शुभ हैं विवाह के लिए ये 8 तारीखें, जानें किस दिन से लगेगा खरमास?
हिंदू धार्मिक मान्यता के आधार पर अगर शुभ तारीख और मुहूर्त में शादी होती हैं तो इसे सुखद वैवाहिक जीवन की आधारशिला माना जाता है। जानें मार्च के महीने में शादी के लिए कौन-कौन सी तारीख शुभ मानी जा रही है?

Vivah Shubh Date For Marriage: विवाह किसी की भी जिंदगी का सबसे खास और पवित्र बंधन में से एक होता है। ऐसे इस शुभ दिन और मुहूर्त पर ही करना महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के आधार पर सही तिथि और अनुकूल ग्रह-नक्षत्रों में संपन्न होने वाली शादी में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही ये रिश्ते में स्थिरता भी लेकर आता है। शादी के लिए शुभ मुहूर्त चुनते वक्त ज्योतिष पंचांग, तिथि, नक्षत्र और लग्न का ध्यान विशेष रूप से रखते हैं। ऐसा इसलिए होता है ताकि दांपत्य जीवन की शुरुआत मंगलमय हो। लोग ज्योतिष से परामर्श लेकर ही सही समय और दिन का चुनाव करते हैं। बात की जाए मार्च के महीने की तो इसमें कुल 8 तारीखें ऐसी पड़ रही हैं जो विवाह के लिए सही हैं। नीचे जानें इन तारीखों के बारे में-
मार्च में शादी के शुभ महीने
हिंदू धर्म में सही मुहूर्त और तारीख पर हुई शादी को खुशहाल शादीशुदा जिंदगी की अच्छी शुरुआत माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसी शादियां सात जन्मों के वादे से शुरू होती हैं। इस साल शादी के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। मुहूर्त कैलेंडर के आधार पर इस साल सिर्फ 8 महीनों में ही शादी के लिए शुभ मुहूर्त हैं। जनवरी में शादियां नहीं हुई हैं। वहीं अब अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीने में कोई भी मुहूर्त नहीं होगा। शादी के लिए बाकी महीनों में शुभ मुहूर्त देखा जा सकता है। बात की जाए अगले महीने यानी मार्च की तो इसमें कुल 8 शुभ तारीखें पड़ रही हैं।
मार्च में पड़ने वाली शुभ तारीखें
मुहूर्त कैलेंडर के अनुसार मार्च में 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 तारीख को ही शादी के लिए शुभ मुहूर्त हैं। 15 मार्च के बाद खरमास लग जाएगा और इस दौरान शादियां या फिर कोई भी मंगल काम नहीं होता है। खरमास अप्रैल के मिड में खत्म होगा और इसके बाद ही शादी के लिए फिर से शुभ मुहूर्त और तारीखें निकलेंगी। बात की जाए फरवरी महीने के बचे हुए दिनों की तो 21, 24, 25 और 26 तारीख को शादियों के लिए शुभ माना जा रहा है। हालांकि इसी बीच होलाष्टक शुरू होने वाला है। ऐसे में 24, 25 और 26 फरवरी वाली शादियों को सोच-समझकर ही करना होगा। इस दौरान पंडित द्वारा बताई सावधानी को बरतना चाहिए। बता दें कि होलाष्टक 8 दिन के लिए पड़ता है जोकि होली से पहले आता है। इस दौरान कोई भी मांगलिक काम नहीं किया जाता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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