मलमास में नहीं है निर्जला एकादशी, पढ़ें मलमास की एकादशी कौन सी हैं?

Anuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप सोच रहे हैं कि अपरा एकादशी के बाद ज्येष्ठ मास में निर्जला एकादशी आएगी, तो आप गलत हैं। आपको बता दें कि 17 जून से एक महीने मलमास यानी अधिक मास या पुरुषोत्तम मास चल रहा है।

मलमास में नहीं है निर्जला एकादशी, पढ़ें मलमास की एकादशी कौन सी हैं?

अगर आप सोच रहे हैं कि अपरा एकादशी के बाद ज्येष्ठ मास में निर्जला एकादशी आएगी, तो आप गलत हैं। आपको बता दें कि 17 जून से एक महीने मलमास यानी अधिक मास या पुरुषोत्तम मास चल रहा है। यह महीना बहुत खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में विष्णु जी की पूजा की जाती है और जपतप और दान का बहुत अधिक फल मिलता है। अब एक महीने पुरुषोत्तम मास रहेगा, तो पुरुषोत्तम मास में पड़े वाली एकादशी ही इस महीने आएंगी। यहां आप जानेंगे कि निर्जला एकादशी कब है और पुरुषोत्तम मास में कौन सी दो एकादशी आती हैं, वो कब हैं। इनका क्या महत्व है।

पहले जान लेते हैं कि निर्जला एकादशी कब है?

आपको बता दें कि निर्जला एकादशी साल की सबसे बड़ी एकादशी है। जो इस एकादशी का व्रत कर लेता है, वो सभी व्रतों का फल पा लेता है। पद्मपुराण में इन दोनों एकादशी का जिक्र है। ज्येष्ठ मास में सूर्य वृष राशि पर होते हैं। मिथुन राशि में इनके आने पर जो एकादशी हो, उसका निर्जल व्रत करना चाहिए । केवल कुल्ला या आचमन करने के लिए मुख में जल डाल सकते हो,एकादशीको सूर्योदयसे लेकर दूसरे दिनके सूर्योदयतक मनुष्य जलका त्याग करे तो यह ब्रत पूर्ण होता है। इस एकादशी से साल भर में जितनी एकादशियां होती हैं, उन सबका फल निर्जला एकादशीके सेवनसे मनुष्य प्राप्त कर लेता है। इस साल निर्जला एकादशी 24 जून को है। अब अधिकमास की एकादशी की बात करते हैं।

अधिकमास में कौन सी दो एकादशी

अधिकमास का जिक्र पद्मपुराण में भी मिलता है। इसमें दो एकादशी आती हैं। इनमें कमला और कामदा एकादशी हैं। ये एकादशी हर साल नहीं आती हैं, ये सिर्फ अधिकमास वाले महीने में ही आती है। पद्मपुराण में इसे कमला और कामदा एकादशी कहा गया है। 0स साल कमला एकादशी 27 मई को हैं, यह एकादशी 26 मई को सुबह 5.10 मिनट पर लगेगी और अगले दिन 27मई को सुबह 6.21 मिनट तक रहेगी। ऐसे में द्वादशी युक्त एकादशी 27 मई को मनाई जाएगी। इसी तरह कामदा एकादशी 11 जून को होगी।

पुरुषोत्तम मासकी कमला ओर कामदा एकादशीका माहात्म्य

पद्मपुराण में कहा गया है कि अधिक मास आनेपर जो एकादशी होती है, वह कमला नामसे प्रसिद्ध हैं। वह तिथियों में उत्तम तिथि है। उसके ब्रतके प्रभाव से लक्ष्मी अनुकूल होती हैं। उस दिन ब्राह्म मुहूर्तमें उठकर भगवान्‌ पुरुषोत्तमका स्मरण करें और विधिपूर्वक स्त्रान करके ब्रती पुरुष नियम करें। घर पर जप करने का एक गुना, नदी के तट पर दूना, गोशाला में सहस्त्रगुना, तीर्थोमें, देवताओं के निकट, तुलसीके समीप लाख गुना और भगवान्‌ विष्णुके निकट अनन्त गुना फल होता है।

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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