Hindi Newsधर्म न्यूज़Makar Sankranti 2026: January 14 or 15 Sun Transit Surya Gochar Rashi Parivartan Time and Snan-Daan Shubh Muhurat
14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य करेंगे मकर राशि में प्रवेश, जानें मकर संक्रांति का स्नान-दान मुहूर्त

14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य करेंगे मकर राशि में प्रवेश, जानें मकर संक्रांति का स्नान-दान मुहूर्त

संक्षेप:

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति को हिंदू धर्म में साल के सबसे बड़े और शुभ पर्वों में गिना जाता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी के साथ सूर्य के उत्तरायण होने की शुरुआत मानी जाती है।

Jan 12, 2026 02:22 pm ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति को हिंदू धर्म में साल के सबसे बड़े और शुभ पर्वों में गिना जाता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी के साथ सूर्य के उत्तरायण होने की शुरुआत मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य का उत्तरायण होना शुभता, सकारात्मक ऊर्जा और नए आरंभ का संकेत माना जाता है। शास्त्रों में मकर संक्रांति को अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक भी कहा गया है। मकर संक्रांति के बाद दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

14 जनवरी को सूर्य का गोचर दोपहर में इसलिए बनी तारीख को लेकर असमंजस

पंचांग के मुताबिक, 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना ही मकर संक्रांति कहलाता है। हालांकि इस बार सूर्य का गोचर दोपहर बाद हो रहा है, इसी वजह से मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

14 या 15 जनवरी, कब मनाएं मकर संक्रांति?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य के गोचर के आधार पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को मानी जाएगी। वहीं, स्नान-दान, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए 15 जनवरी को अधिक शुभ माना जा रहा है। यही कारण है कि दोनों तारीखों का अपना-अपना महत्व बताया गया है।

ये भी पढ़ें:मकर संक्रांति पर बुधादित्य योग, इन राशियों का चमकेगा भाग्य

मकर संक्रांति का पुण्य काल

14 जनवरी को मकर संक्रान्ति का पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान कुल 02 घंटे 32 मिनट का समय स्नान, दान और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना गया है। वहीं, मकर संक्रान्ति का महा पुण्य काल दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक रहेगा। यह अवधि 01 घंटा 45 मिनट की होगी, जिसे विशेष रूप से पुण्य फल देने वाला माना जाता है।पंचांग के अनुसार, मकर संक्रान्ति का क्षण दोपहर 03:13 बजे माना गया है। इस दौरान किए गए स्नान, दान और धार्मिक कर्मों को विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस समय किया गया दान कई गुना पुण्य देता है।

स्नान-दान और पूजा का सही समय

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 15 जनवरी की सुबह स्नान, दान और पूजा के लिए सबसे उत्तम समय रहेगा। इस दिन प्रातः स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना, तिल-गुड़ का दान करना और पूजा-पाठ करना विशेष रूप से शुभ माना गया है।

मकर संक्रांति पर क्या करें?

स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।

तिल और गुड़ का दान करें।

जरूरतमंदों को वस्त्र, कंबल या अनाज दान करें।

घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

इस बार 14 जनवरी को एकादशी भी पड़ रही है, ऐसे में चावल और चावल से बनी चीजों का सेवन वर्जित माना गया है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Yogesh Joshi

लेखक के बारे में

Yogesh Joshi

संक्षिप्त विवरण


योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


व्यक्तिगत रुचियां


काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि

और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ , Aaj ka Rashifal,Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!