Hindi Newsधर्म न्यूज़Makar Sankranti 2026 How are children born on Makar Sankranti
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर जन्मे बच्चे कैसे होते हैं?

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर जन्मे बच्चे कैसे होते हैं?

संक्षेप:

यह पर्व हर साल तब मनाया जाता है, जब सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश या भ्रमण करने को ही संक्रांति कहते हैं। यही वजह है कि जब वो मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो मकर संक्रांति कहलाती है। चलिए जानते है कि इस दिन जन्मे बच्चे कैसे होते हैं?

Jan 14, 2026 01:43 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

पंचांग के मुताबिक मकर संक्रांति का पर्व इस साल 15 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस पर्व का विशेष महत्व होता है। क्योंकि यह पर्व सूर्य और शनि देव से भी संबंध होता है। इस दिन सूर्य की उपासना की जाती है। यह पर्व हर साल तब मनाया जाता है, जब सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश या भ्रमण करने को ही संक्रांति कहते हैं। यही वजह है कि जब वो मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो मकर संक्रांति कहलाती है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

कैसे होते हैं बच्चे?
इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि मकर संक्रांति केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका जन्म-मरण के चक्र से भी गहरा नाता है। कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन जन्में बच्चों का भविष्य बेहद उज्जवल होता है। साथ ही ये बड़े ही सौभाग्य की बात होती है। चलिए जानते हैं कि ये बच्चे कैसे होते हैं?

सही तारीख
पंचांग के मुताबिक सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी 2026, बुधवार को दोपहर 03:13 बजे होगा। लेकिन उदयातिथि के मुताबिक इस साल मकर संक्रांति 15 तारीख को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति के दिन जन्मे बच्चे सूर्य देव का प्रभाव होता है। इस दिन लोहड़ी भी मनाई जाती है, ऐसे में इस दिन जन्मे बच्चों पर अग्नि देव का भी खास प्रभाव रहता है।

स्वाभिमान व आत्मनिर्भर
सूर्य देव के प्रभाव से मकर संक्रांति के दिन जन्मे बच्चे स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के लिए जाने जाते हैं। वे दूसरों पर निर्भर रहना पसंद नहीं करते और खुद के दम पर अपनी स्थिति को मजबूत बनाना बखूबी जानते हैं। किसी भी चुनौती का सामना करते समय ये लोग शांत और स्थिर रहते हैं और बिना घबराए धैर्य के साथ समस्या का समाधान निकालते हैं।

मेहनती और प्रैक्टिकल होते हैं
मकर संक्रांति के दिन जन्मे लोग काफी प्रैक्टिकल होते हैं। ये लोग बहुत मेहनती होते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। इतना ही नहीं इनके पास खूब धन होता है। क्योंकि इनमें धन को बचत करने की क्षमता कूट-कूट के भरी होती है।

करियर
इनमें नेतृत्व की क्षमता होती है। ऐसे में इनका करियर काफी शानदार होता है। ये लोग वित्तीय मामलों को अच्छी तरह समझते हैं और बैंकिंग, निवेश, बीमा, और वित्तीय सलाहकार जैसे क्षेत्रों में अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

मकर संक्रांति से प्रेरित लड़कों के पारंपरिक नाम
आदित्य – सूर्य का नाम, तेज और नेतृत्व का प्रतीक
सूर्यांश – सूर्य का अंश
तेजस – ऊर्जा और तेज
ध्रुव – स्थिरता और अडिग विश्वास
आरव – शांत और पवित्र आत्मा

मकर संक्रांति से प्रेरित लड़कियों के पारंपरिक नाम
आभा – तेजस्वी आभामंडल
किरण – सूर्य की पहली रोशनी
आरुषि – उजास से भरी
दीपिका – प्रकाश फैलाने वाली
प्रभा – तेज और सौम्यता का संगम

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

ये भी पढ़ें:मकर संक्रांति पर इन उपायों से करें सूर्य देव को प्रसन्न, नष्ट होंगे पाप
ये भी पढ़ें:मकर संक्रांति पर अपनों को भेजें ये 50+ मैसेज, कोट्स, खूबसूरत संदेश
ये भी पढ़ें:मकर संक्रांति 2026: महाकालेश्वर मंदिर में खास होगा महाकाल का जलाभिषेक
Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ , Aaj ka Rashifal,Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!