मकर संक्रांति पर करें ये काम, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति
मकर संक्रांति के शुभ योग में पूजा, स्नान और दान करने से कई प्रकार की मुसीबतों से छुटकारा मिलता है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति का पर्व कई प्रकार के दोषों को भी दूर करता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि मकर संक्रांति पर पितृ दोष दूर करने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए।

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व बेहद पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। यह पर्व हर साल पौष के महीने में पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य ग्रह धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करता है, तभी मकर संक्रांति मनाई जाती है। मान्यता के आधार पर इस त्योहार को सूर्य और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस महीने में सूर्य और भगवान विष्णु की पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन बनने वाले शुभ योग में पूजा, स्नान और दान करने से कई प्रकार की मुसीबतों से छुटकारा मिलता है वहीं जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति का पर्व कई प्रकार के दोषों को भी दूर करता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि मकर संक्रांति पर पितृ दोष दूर करने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए।
कब है मकर संक्रांति
ज्योतिषीय गणना और हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में सूर्य ग्रह मकर राशि में 14 जनवरी को गोचर करेंगे। गोचर का समय दोपहर 3:13 बजे होगा। इसी वजह से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इसे नए साल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है और मान्यता है कि इस दिन गया दान और स्नान का विशेष महत्व होता है।
मकर संक्रांति का स्वरूप
भारत के लगभग कई राज्य में मकर संक्रांति मनाई जाती है। सभी जगह इसे अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। गुजरात में इसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है। पंजाब में इसे लोहड़ी, असम में माघ बिहू और तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं। इस दिन कई राज्यों में लोग पतंग उड़ाते हैं। वहीं कई जगह खिचड़ी बनाने का रिवाज है। बता दें कि इसी दिन से सूर्य दक्षिण की ओर से उत्तर दिशा की ओर बढ़ता है और इस प्रोसेस को ही उत्तरायण कहा जाता है। हिंदू धर्म में ये समय बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान गंगा या यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही इस दिन किए गए दान से पुण्य मिलता है।
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय
- मकर संक्रांति के दिन सूर्य को जल देते समय उसमें काले तिल और लाल फूल डालें। यह सीधे पितरों को तृप्त करता है।
- इसके अलावा "ॐ पितृदेवाय नमः" मंत्र का जाप करते हुए पितरों का ध्यान करें।
- मकर संक्रांति के दिन गाय, कुत्ते और कौवों को भोजन खिलाना चाहिए। माना जाता है कि पितर इन रूपों में आकर अपना भाग ग्रहण करते हैं।
- शाम को घर के दक्षिण कोने में एक दीपक पितरों के नाम से जरूर जलाएं।
-मकर संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान को महत्वपूर्ण माना गया है। माघ स्नान करने से पितृदोष का प्रभाव कम होता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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