मकर संक्रांति पर करें ये काम, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

Jan 01, 2026 06:09 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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मकर संक्रांति के शुभ योग में पूजा, स्नान और दान करने से कई प्रकार की मुसीबतों से छुटकारा मिलता है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति का पर्व कई प्रकार के दोषों को भी दूर करता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि मकर संक्रांति पर पितृ दोष दूर करने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए।

मकर संक्रांति पर करें ये काम, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व बेहद पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। यह पर्व हर साल पौष के महीने में पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य ग्रह धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करता है, तभी मकर संक्रांति मनाई जाती है। मान्यता के आधार पर इस त्योहार को सूर्य और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस महीने में सूर्य और भगवान विष्णु की पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन बनने वाले शुभ योग में पूजा, स्नान और दान करने से कई प्रकार की मुसीबतों से छुटकारा मिलता है वहीं जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही मकर संक्रांति का पर्व कई प्रकार के दोषों को भी दूर करता है। ऐसे में आज हम जानेंगे कि मकर संक्रांति पर पितृ दोष दूर करने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए।

कब है मकर संक्रांति

ज्योतिषीय गणना और हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में सूर्य ग्रह मकर राशि में 14 जनवरी को गोचर करेंगे। गोचर का समय दोपहर 3:13 बजे होगा। इसी वजह से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इसे नए साल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है और मान्यता है कि इस दिन गया दान और स्नान का विशेष महत्व होता है।

मकर संक्रांति का स्वरूप
भारत के लगभग कई राज्य में मकर संक्रांति मनाई जाती है। सभी जगह इसे अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। गुजरात में इसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है। पंजाब में इसे लोहड़ी, असम में माघ बिहू और तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं। इस दिन कई राज्यों में लोग पतंग उड़ाते हैं। वहीं कई जगह खिचड़ी बनाने का रिवाज है। बता दें कि इसी दिन से सूर्य दक्षिण की ओर से उत्तर दिशा की ओर बढ़ता है और इस प्रोसेस को ही उत्तरायण कहा जाता है। हिंदू धर्म में ये समय बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान गंगा या यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही इस दिन किए गए दान से पुण्य मिलता है।

पितृ दोष से मुक्ति के उपाय
- मकर संक्रांति के दिन सूर्य को जल देते समय उसमें काले तिल और लाल फूल डालें। यह सीधे पितरों को तृप्त करता है।
- इसके अलावा "ॐ पितृदेवाय नमः" मंत्र का जाप करते हुए पितरों का ध्यान करें।
- मकर संक्रांति के दिन गाय, कुत्ते और कौवों को भोजन खिलाना चाहिए। माना जाता है कि पितर इन रूपों में आकर अपना भाग ग्रहण करते हैं।
- शाम को घर के दक्षिण कोने में एक दीपक पितरों के नाम से जरूर जलाएं।
-मकर संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान को महत्वपूर्ण माना गया है। माघ स्नान करने से पितृदोष का प्रभाव कम होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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