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Makar sankranti 2026 date: 14 को मकर संक्रांति मना रहे हैं, तो जानें विशेष पुण्यकाल कब से, कब व्रत रखें और पूजन करें

Makar sankranti 2026 date: 14 को मकर संक्रांति मना रहे हैं, तो जानें विशेष पुण्यकाल कब से, कब व्रत रखें और पूजन करें

संक्षेप:

मकर संक्रांति का पर्व गूढ़ महत्व और विराट रूप से मनाया जाने वाला त्योहार है। इस बार श्रद्धालुओं में तिथि को लेकर संशय बना हुआ है। मेरठ के ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति श्रेष्ठ है।

Jan 13, 2026 06:31 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, मेरठ, वरिष्ठ संवादाता।
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मकर संक्रांति का पर्व गूढ़ महत्व और विराट रूप से मनाया जाने वाला त्योहार है। इस बार श्रद्धालुओं में तिथि को लेकर संशय बना हुआ है। मेरठ के ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति श्रेष्ठ है। अगर आप 14 जनवरी को मकर संक्रांति मना रहे हैं तो जानें कब पूजन और व्रत रख सकेंगे और पुण्यकाल कब होगा। दरअसल 14 जनवरी को ही सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही षटतिला एकादशी का शुभ संयोग भी बन रहा है। वहीं, अधिकांश स्थानों पर मकर संक्रांति पर खिचड़ी बाटने की परंपरा है इसलिए इस बार लोगों के मन में ये प्रश्न रहेगा कि एकादशी पर खिचड़ी बांटे या नहीं। ऐसे में कच्चे चावल या बिना पकी खिचड़ी का दान कर सकते हैं। संध्या में दान न कर पाने वाले श्रद्धालु 15 जनवरी के प्रथम सूर्योदय पर खिचड़ी का दान कर सकते हैं।

मकर संक्रांति पर गजब संयोग

ऐसा दुर्लभ संयोग बहुत कम बनता है, जब सूर्य देव और भगवान विष्णु की कृपा एक साथ प्राप्त की जा सके। इसके अलावा पुण्यकाल भी इसी तिथि को शुरु होगा। जिसमें पूजा पाठ, दान करना श्रेष्ठ होता है। 14 जनवरी को षटतिला एकादशी है और इसी रात सूर्य मकर राशि में गोचर करेंगे। इस संयोग में किया गया दान और पवित्र नदियों में स्नान कई अधिक फलदायी माना जा रहा है। वहीं, ज्योतिष विश्लेषक रुचि कपूर के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति और एकादशी का एक साथ होना शुभ संकेत है।

खिचड़ी का दान शास्त्र सम्मत

ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार, 14 को सर्वार्थ सिद्धि योग व अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। सूर्य अपराह्न 3:06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे और एकादशी तिथि शाम 5:53 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद खिचड़ी का दान और सेवन शास्त्रसम्मत हैं।

मकर राशि में प्रवेश के बाद ही दान श्रेष्ठ

ज्योतिषचार्य भारत ज्ञान भूषण के अनुसार 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद ही दान-पुण्य करना श्रेष्ठ है। संध्या में दान न कर पाने वाले श्रद्धालु 15 जनवरी के प्रथम सूर्योदय पर खिचड़ी का दान कर सकते हैं।

3 : 07 से विशेष पुण्यकाल

ज्योतिषाचार्य विभोर इंदूसुत के अनुसार 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन सुबह से ही दान पुण्य और पूजन किए जाएंगे, लेकिन विशेष पुण्यकाल की बात करें तो वह दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर शुरू है, जोकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट तक है।

मकर संक्रांति व्रत, पूजन 14 को ही श्रेष्ठ

ज्योतिष अन्वेषक अमित गुप्ता के अनुसार, 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इसी दिन एकादशी भी है, इसलिए दिन में चावल और खिचड़ी का प्रयोग न करें। मकर संक्रांति व्रत और पूजन 14 जनवरी को ही श्रेष्ठ रहेगा।

तिल, गुड़, घी और कंबल का दान विशेष फलदायी

ज्योतिषाचार्य अमित शांडिल्य के अनुसार, शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही श्रेष्ठ है। श्रद्धालु अपनी सुविधा अनुसार 15 की सुबह खिचड़ी का दान कर सकते हैं। तिल, गुड़, घी और कंबल का दान विशेष फलदायी होता है।

Anuradha Pandey

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शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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