मकर संक्रांति के दिन करें ये 10 जरूरी काम, बनेंगे बिगड़े काम और आएगी खुशहाली
Makar Sankranti: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है। इस त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष की भाषा में इसे सूर्य का उत्तरायण होना भी कहा जाता है। इस दिन से दिन लंबे होने लगते हैं और ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है।

Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है। इस त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष की भाषा में इसे सूर्य का उत्तरायण होना भी कहा जाता है। इस दिन से दिन लंबे होने लगते हैं और ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है। मकर संक्रांति न तो चंद्र तिथि पर आधारित है और न ही तय तारीख पर। यह पूरी तरह सूर्य की चाल और राशि परिवर्तन पर निर्भर करती है। इस साल सूर्य का राशि परिवर्तन 14 जनवरी को 3 बजकर 13 मिनट पर होगा। इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। कुछ पंचांगों के अनुसार 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। आइए जानते हैं, मकर संक्रांति पर क्या काम करने चाहिए…
1. सुबह नहाकर दिन की शुरुआत करें
मकर संक्रांति के दिन सुबह स्नान को अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इससे शरीर और मन दोनों साफ रहते हैं। अगर नदी में नहाना संभव न हो, तो घर पर ही स्नान करना भी ठीक है।
2. सूर्य को जल देना न भूलें
नहाने के बाद सूरज की तरफ देखकर जल चढ़ाया जाता है। कहा जाता है कि इससे ऊर्जा मिलती है और दिन अच्छा गुजरता है।
3. तिल और गुड़ जरूर खाएं
मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ खाने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे रिश्तों में मिठास बनी रहती है और सेहत को भी फायदा होता है।
4. जरूरतमंद की मदद करें
इस दिन दान का खास महत्व होता है। लोग तिल, गुड़, अनाज, कपड़े या कंबल दान करते हैं। दान अपनी क्षमता के हिसाब से करना चाहिए।
5. घर को साफ-सुथरा रखें
मकर संक्रांति पर घर की सफाई पर भी ध्यान दिया जाता है। माना जाता है कि साफ घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है।
6. घर के बड़ों का आशीर्वाद लें
इस दिन माता-पिता और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है। इसे दिन की अच्छी शुरुआत कहा जाता है।
7. खिचड़ी या तिल के पकवान बनाएं
कई जगह इस दिन खिचड़ी बनाई जाती है। वहीं तिल के लड्डू, गजक और रेवड़ी भी घर-घर में बनती और बांटी जाती है। इस साल 14 जनवरी को एकादशी है इसलिए खिचड़ी पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
8. झगड़े और गलत बोलने से बचें
मकर संक्रांति के दिन कोशिश की जाती है कि किसी से बहस न हो। लोग मानते हैं कि इस दिन की सोच पूरे साल असर डालती है।
9. कोई अच्छी शुरुआत करें
इस दिन से नई आदत शुरू करना या कोई अच्छा फैसला लेना शुभ माना जाता है। इसलिए कई लोग इसी दिन संकल्प लेते हैं।
10. अपनों के साथ समय बिताएं
मकर संक्रांति का असली मतलब अपनों के साथ बैठकर खाना-पीना और खुशियां बांटना है। यही इस त्योहार की सबसे बड़ी पहचान है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiसंक्षिप्त विवरण
योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।
करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर
योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।
एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि



