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Maha Shivratri 2026: भगवान शिव की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि पर व्रत कैसे रखें?

Maha Shivratri 2026: भगवान शिव की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि पर व्रत कैसे रखें?

संक्षेप:

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस व्रत रखने से काम, क्रोध, लोभ, मोह, मत्सर जैसे विकार नष्ट होते हैं और भक्त को परम सुख, शांति एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

Feb 10, 2026 04:24 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 15 फरवरी, दिन-रविवार को पड़ रहा है। इस दिन चंद्रमा सूर्य के समीप होता है, जिससे जीवन रूपी चंद्रमा का शिवरूपी सूर्य के साथ योग मिलन होता है। नारद पुराण में वर्णित है कि इसी तिथि पर परमात्मा शिव ने निराकार से साकार रूप में अवतरण लिया था। महाशिवरात्रि का व्रत रखने से काम, क्रोध, लोभ, मोह, मत्सर जैसे विकार नष्ट होते हैं और भक्त को परम सुख, शांति एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

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महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व

नारद पुराण और शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष प्राप्ति के योग बनते हैं। यह रात्रि 'कालरात्रि' भी कहलाती है, क्योंकि इस दिन शिव तांडव करते हुए प्रलयकारी रूप धारण करते हैं। व्रत करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर, विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य और सभी भक्तों को शत्रु विजय तथा मनोकामना पूर्ति मिलती है।

महाशिवरात्रि व्रत के नियम

महाशिवरात्रि व्रत के नियम बहुत सख्त होते हैं। दिन में अनाज, नमक, चावल और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। फल, दूध, मखाना, साबूदाना, व्रत चावल और सिंघाड़े का आटा आदि सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। क्रोध, झूठ, निंदा और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। रात्रि जागरण करना चाहिए और भजन-कीर्तन में समय व्यतीत करना चाहिए। व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद करना चाहिए।

महाशिवरात्रि पूजा की विधि

महाशिवरात्रि की पूजा विधि सरल लेकिन श्रद्धापूर्ण होनी चाहिए। सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। शिवलिंग या शिव-पार्वती की मूर्ति के सामने आसन लगाएं। गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल, शमी पत्र और कनेर का फूल अर्पित करें। चंदन का तिलक लगाएं और सिंदूर से शृंगार करें। ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। शिव पुराण या शिव चालीसा का पाठ करें। शाम को घी का दीपक जलाएं और चारों प्रहर में पूजा करें। रात्रि में जागरण कर शिव कथा सुनें।

निशिता मुहूर्त में विशेष पूजा

महाशिवरात्रि की रात का निशिता मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है। इस समय शिवलिंग पर विशेष अभिषेक और आरती करने से पूजा का फल अक्षय होता है। भक्त इस मुहूर्त में जागकर ध्यान, जप और स्तोत्र पाठ करते हैं।

महाशिवरात्रि व्रत के लाभ

  • सभी पापों का नाश और मोक्ष प्राप्ति के योग।
  • शत्रुओं पर विजय और बाधाओं से मुक्ति।
  • वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति और परिवार में शांति।
  • धन, ऐश्वर्य और आध्यात्मिक उन्नति।
  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा और सकारात्मकता का संचार।

महाशिवरात्रि पर विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इस दिन की गई साधना अक्षय फल देती है। श्रद्धा और भक्ति से व्रत करें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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