Mahashivratri Puja: शिवजी को प्रिय हैं ये 11 चीजें, पूजा में जरूर करें शामिल, ऐसे चढ़ाएं भोले बाबा को जल
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की पूजा का खास महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और पूरे मन से भोलेनाथ का ध्यान करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन सच्चे भाव से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

Mahashivratri Puja: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की पूजा का खास महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और पूरे मन से भोलेनाथ का ध्यान करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन सच्चे भाव से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। अगर आप भी इस शिवरात्रि पर भोले बाबा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो पूजा में शिवजी को प्रिय माने जाने वाली 11 चीजें जरूर शामिल करें और जल चढ़ाने की सही विधि भी जानें।
शिवजी की प्रिय 11 चीजें (पूजा में जरूर करें शामिल)
भगवान शिव की पूजा में कुछ खास चीजों का महत्व बताया गया है। इन्हें श्रद्धा से अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और पूजा पूर्ण मानी जाती है।
जल: शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मन शांत रहता है और जीवन में ठंडक बनी रहती है।
बेलपत्र: तीन पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक माना जाता है।
भांग: इसे शिव प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है, मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है।
धतूरा: पूजा में धतूरा अर्पित करने से नकारात्मकता दूर होने की बात कही जाती है।
दूध: शिवलिंग पर दूध चढ़ाने को सेहत और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
चंदन: चंदन लगाने से शिवलिंग शीतल रहता है और पूजा में पवित्रता बनी रहती है।
भस्म: भस्म को शिवजी अत्यंत पवित्र मानते हैं, यह वैराग्य और शुद्धता का प्रतीक है।
सफेद फूल (आक/आंकड़े): सफेद फूल शांति और सादगी का प्रतीक माने जाते हैं।
शहद: पूजा में शहद अर्पित करने को वाणी में मिठास से जोड़ा जाता है।
चीनी/शक्कर: इसे सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता के लिए चढ़ाया जाता है।
रुद्राक्ष: रुद्राक्ष को महादेव का प्रिय माना जाता है, इसे अर्पित करना शुभ समझा जाता है।
ऐसे चढ़ाएं भोले बाबा को जल (पूजा विधि)
महाशिवरात्रि के दिन जल चढ़ाते समय कुछ बातों का ध्यान रखें।
समय: महाशिवरात्रि पर कभी भी जलाभिषेक किया जा सकता है।
लोटा: तांबे, पीतल या चांदी के लोटे से जल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
विधि: शिवलिंग पर जल की धारा धीरे-धीरे चढ़ाएं और मन में “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ ह्रीं नमः शिवाय” मंत्र का जप करते रहें।
जलाभिषेक के बाद कुछ देर बैठकर रुद्राक्ष की माला से शिव मंत्रों का जप करना भी फलदायी माना जाता है।
जल चढ़ाने के बाद बेलपत्र अर्पित करें।
बेलपत्र कैसे चढ़ाएं: भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि पत्ते कटे-फटे न हों। हमेशा 3, 5, 7, 11 या 21 की विषम संख्या में बेलपत्र चढ़ाना अच्छा माना जाता है। बेलपत्र रखते वक्त उसकी चिकनी साइड शिवलिंग को छुए और डंठल आपकी तरफ रहे। बेलपत्र चढ़ाते समय मन में “ॐ नमः शिवाय” का जप कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Yogesh Joshiसंक्षिप्त विवरण
योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव
योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।
न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।
करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर
योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।
एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य
योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
राशिफल (डेली एवं वीकली)
ग्रह-गोचर
दशा-महादशा
अंकज्योतिष
सामुद्रिक शास्त्र
वास्तु शास्त्र
फेंगशुई
रत्न-उपाय
व्रत-त्योहार एवं पूजा-विधि


