Mahashivratri Puja: आज महाशिवरात्रि पर काली मिर्च, गेहूं, मूंग, चावल शिवजी पर क्या अर्पित करें
Mahashivratri Puja kaise karein:महाशिवरात्रि यानी भगवान शिव का दिन । महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना गया है। इस दिन भोले नाथ पर कई चीजें अर्पित करतें हैं और उससे मनोकामना पूरी होती है।

महाशिवरात्रि यानी भगवान शिव का दिन । महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना गया है। इस दिन भोले नाथ पर कई चीजें अर्पित करतें हैं और उससे मनोकामना पूरी होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इससे पहले मंदिरों में भगवान शिवऔर मां पार्वती के विवाह के सभी कार्य किए जाते हैं। अलग-अलग मनोकामना पूर्ति के लिए ये चीजें अर्पित की जाती हैं। यहां हम आपको बता रहें हैं कि महाशिवरात्रि पर कौन-कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए। शिवमहापुराण में इन सभी चीजों के बारे में कहा गया है। कितनी संख्या में और कैसे इन चीजों को शिवलिंग पर अर्पित करने से कौन से मनोकामना पूरी होती है, इसके बारे में शिवमहापुराण में बताया गया है। आप भी जानें
गेंहू से भी होती है शिवजी की पूजा
गेहूं से भी की गई शिवपूजा खास होती है। अगर एक लाख गेहूं से शिवकी पूजा की जाए, तो उसकी सन्तति की अभिवृद्धि होती है। इस तरह उनका विधान विधिपूर्वक करने चाहिए। इसी प्रकार चावल के दाने चढ़ाने से लक्ष्मी जी की प्राप्ति होती है।
काली मिर्च और सरसों के दानें
राई से को गयी शिव पूजा शत्रु विनाशक कही गयी है।बीस पल भर सरसों के एक लाख दाने हो जाते हैं। उन एक लाख सरसों के दानों से को गयी शिवकी पूजा होती है। ऐसा कहा गया है अरहरकी पत्तियोंसे शिवजी को सुशोभित करके उनका पूजन करना चाहिए। शिव को पूजा करने के बाद एक गौ और एक बैल का दान करना चाहिये। काली मिर्च से की गयी शिवकी पूजा भी शत्रु का नाश करने वाली बताई गईहै।
भगवान शिव को क्यों अर्पित करते हैं हरी मूंग
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को हरी मूंग अर्पित करनी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति भगवान शिव को हरी मूंग अर्पित करते हैं, उन्हें भगवान की कृपा से सुख मिलता है। इसलिए लोग महाशिवरात्रि पर शिवजी को हरी मूंग अर्पित करते हैं। लेकिन आपको इसकी मात्रा भी पता होनी चाहिए कि शिवजी को हरी मूंग कितनी अर्पित करनी चाहिए। शिवमहापुराण में लिखा है कि शिवजी का एक लाख मूंग से पूजन किए जाने पर भगवान् शिव सुख देते हैं। साढ़े सात प्रस्थ और दो पल यानी साढ़े सात सेर तेरह माशा भर मूंग संख्या में एक लाख होती है। इसे भगवान शिव को अर्पित कर 11 ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
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Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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