Mahashivratri 2026: काशी विश्वनाथ मंदिर में 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम, इतने घंटे मिलेंगे बाबा के दर्शन

Feb 08, 2026 01:10 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर में इस पर्व पर लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं। मंदिर प्रशासन ने लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं।

Mahashivratri 2026: काशी विश्वनाथ मंदिर में 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम, इतने घंटे मिलेंगे बाबा के दर्शन

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे बड़ा शिव-उत्सव है, जिसे फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव ने पहली बार लिंग रूप में प्रकट होने की कथा जुड़ी है। काशी विश्वनाथ मंदिर में इस पर्व पर लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ते हैं। साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन बाबा विश्वनाथ अपने दूल्हा रूप में विराजमान होंगे और भक्तों पर फूलों की वर्षा होगी। मंदिर प्रशासन ने लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। आइए जानते हैं इस बार की तिथि, दर्शन का समय और इंतजामों की पूरी जानकारी।

महाशिवरात्रि 2026 की तिथि और समय

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 5:06 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 5:35 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर महाशिवरात्रि 15 फरवरी को ही मनाई जाएगी। मंदिर में पूजा और दर्शन का क्रम 15 फरवरी की मंगला आरती से शुरू होगा और 16 फरवरी की रात तक अनवरत चलेगा। कुल मिलाकर भक्तों को 36 घंटे से अधिक समय तक बाबा के दर्शन का अवसर मिलेगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर में अपेक्षित भीड़ और दर्शन का समय

मंदिर प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस बार करीब 10 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंचेंगे। दर्शन का क्रम 15 फरवरी की सुबह 3:30 बजे शुरू होगा। मंगला आरती 2:15 से 3:15 बजे तक होगी। इसके बाद कपाट खुलेंगे और अनवरत दर्शन शुरू हो जाएंगे। दर्शन 16 फरवरी की रात 11 बजे तक जारी रहेंगे। शयन आरती के बाद कपाट बंद होंगे। इस तरह भक्तों को लगभग 36 घंटे से ज्यादा समय तक दर्शन का मौका मिलेगा।

दर्शन के लिए खास इंतजाम और व्यवस्था

मंदिर में भक्तों की सुगमता के लिए 5 मुख्य प्रवेश द्वारों से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग-जैक बैरिकेडिंग लगाई गई है। गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। भक्त दूर से ही झांकी दर्शन और जलाभिषेक कर सकेंगे। स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी। सभी प्रोटोकॉल दर्शन भी इस दिन स्थगित रहेंगे। भक्त सिर्फ सामान्य लाइन में खड़े होकर बाबा दरबार तक पहुंच सकेंगे। मंदिर परिसर में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ दूल्हा रूप में सजे हुए नजर आएंगे। मंदिर में विशेष शृंगार होगा और भक्तों पर फूलों की वर्षा की जाएगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अन्य अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। मंदिर के सेवादार भक्तों के सेवा के लिए पूरे दिन धाम परिसर में तैनात रहेंगे।

भक्तों के लिए जरूरी सावधानियां और सलाह

  • भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें और धैर्य रखें।
  • पानी और हल्का नाश्ता साथ रखें।
  • मोबाइल और कीमती सामान कम लेकर आएं।
  • राहुकाल और अपशकुन से बचें।
  • मंदिर परिसर में साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • व्रत रखने वाले भक्त फलाहार या दूध पर रहें।

महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ के दर्शन से जीवन में साहस, शक्ति और सुख की प्राप्ति होती है। इस बार 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं से दर्शन सुगम होंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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