महाशिवरात्रि पर शिव अभिषेक के बाद मंदिर से घर ले आएं ये चीज, कभी नहीं होगी धन-धान्य की कमी

Feb 12, 2026 09:01 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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महाशिवरात्रि भगवान शिव की सबसे पवित्र रात्रि है। इस दिन शिवलिंग पर अभिषेक करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। लेकिन पूजा के बाद मंदिर से कुछ विशेष चीजें घर ले जाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

महाशिवरात्रि पर शिव अभिषेक के बाद मंदिर से घर ले आएं ये चीज, कभी नहीं होगी धन-धान्य की कमी

महाशिवरात्रि भगवान शिव की सबसे पवित्र रात्रि है। इस दिन शिवलिंग पर अभिषेक करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। लेकिन पूजा के बाद मंदिर से कुछ विशेष चीजें घर ले जाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ये चीजें शिव की कृपा का माध्यम बनती हैं और घर में धन-धान्य की कमी कभी नहीं होने देतीं। शास्त्रों और लोक परंपराओं के अनुसार अभिषेक के बाद मंदिर से लाई गई कुछ वस्तुओं को घर में रखने या प्रयोग करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। आइए जानते हैं कौन सी चीजें घर ले आएं और उनके क्या लाभ हैं।

शिवलिंग पर चढ़ा जल घर ले आएं

अभिषेक के दौरान शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल बहुत शक्तिशाली होता है। इस जल को थोड़ा सा कलश या बोतल में भरकर घर ले आएं। इसे घर के हर कोने में छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। बीमार व्यक्ति पर छिड़कने से रोगों में राहत मिलती है। मान्यता है कि यह जल घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखता है। रोजाना सुबह थोड़ा सा जल लेकर सूर्य को अर्घ्य देने से भी विशेष फल मिलता है।

बेलपत्र घर की तिजोरी या पर्स में रखें

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ाया गया बेलपत्र घर ले आना बहुत शुभ माना जाता है। इसे तिजोरी, पर्स या धन रखने वाली जगह पर रखें। बेलपत्र को कभी नहीं फेंकना चाहिए। यह धन की आवक बढ़ाता है और आर्थिक तंगी दूर करता है। कई लोग इसे धन स्थान पर रखकर साल भर रखते हैं। अगली महाशिवरात्रि पर पुराना बेलपत्र बहते पानी में विसर्जित कर नया ले आएं।

माता पार्वती पर चढ़ा सुहाग सामान घर लाएं

महाशिवरात्रि पर माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित की जाती है। मंदिर से चढ़ी हुई चूड़ियां, मेहंदी, सिंदूर या मंगलसूत्र की थोड़ी मात्रा घर ले आएं। सुहागिन महिलाएं इसे पहनें। इससे अखंड सौभाग्य बना रहता है। पति की लंबी आयु का वरदान मिलता है। वैवाहिक जीवन में प्रेम और सुख बढ़ता है।

पंचामृत या अभिषेक द्रव्य की थोड़ी मात्रा

अभिषेक में प्रयुक्त दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का मिश्रण पंचामृत कहलाता है। इसकी थोड़ी मात्रा घर ले आएं। इसे घर के मुख्य द्वार पर छिड़कने या परिवार के सदस्यों को थोड़ा सा पीने के लिए दें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। बीमार व्यक्ति को थोड़ा सा पंचामृत देने से रोग निवारण में मदद मिलती है।

धतूरा और भांग का छोटा सा भाग

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ाया गया धतूरा या भांग का छोटा सा भाग घर ले आएं। इसे घर के पूजा स्थल पर रखें। मान्यता है कि इससे बुरी नजर, तंत्र बाधा और नकारात्मक प्रभाव दूर रहता है। घर में शांति और सुरक्षा बनी रहती है। इसे कभी भी फेंकना नहीं चाहिए। अगली महाशिवरात्रि पर पुराना भाग विसर्जित कर नया लाएं।

महाशिवरात्रि पर अभिषेक के बाद इन चीजों को घर लाकर रखने से शिव की कृपा बनी रहती है। ये छोटी-छोटी चीजें घर में धन-धान्य, सुख-शांति और सुरक्षा का संचार करती हैं। इनका उपयोग श्रद्धा और विश्वास के साथ करें। भगवान शिव की कृपा से जीवन सुखमय बनेगा।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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