महाशिवरात्रि पर इस साल बन रहे बेहद दुर्लभ योग, रात में करें ये छोटा-सा काम होंगे ढेरों फायदे
5 फरवरी 2026 को पड़ रही महाशिवरात्रि इस बार कई दुर्लभ और शुभ योगों के साथ आ रही है। इस दिन बन रहे कई दुर्लभ योग भक्तों के लिए अत्यंत कल्याणकारी हैं।

15 फरवरी 2026 को पड़ रही महाशिवरात्रि इस बार कई दुर्लभ और शुभ योगों के साथ आ रही है। इस दिन बन रहे लक्ष्मी नारायण राजयोग, बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग और चतुर्ग्रही योग भक्तों के लिए अत्यंत कल्याणकारी हैं। ये योग मान-सम्मान, धन, तेज, सौभाग्य और कार्यों में सफलता दिलाने वाले हैं। महाशिवरात्रि की रात में एक छोटा-सा काम – शिवलिंग या शिव मंदिर में घी का दीपदान – इन योगों की ऊर्जा को और बढ़ाता है और जीवन में अपार लाभ लाता है। आइए जानते हैं इन योगों का महत्व और रात्रि दीपदान की विधि।
महाशिवरात्रि 2026 की तिथि और मुख्य शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 (रविवार) को मनाई जाएगी। मुख्य मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 5:21 से 6:12 बजे (स्नान और प्रातः पूजा के लिए सर्वोत्तम)
- अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:15 से 12:59 बजे (मुख्य पूजा-अर्चना)
- निशिता मुहूर्त - रात 12:11 से 1:02 बजे (रात्रि जागरण और विशेष पूजा)
- सर्वार्थ सिद्धि योग - सुबह 7:04 से शाम 7:48 बजे तक (मनोकामना पूर्ति के लिए उत्तम)
ये मुहूर्त पूजा, व्रत और दीपदान के लिए अत्यंत शुभ हैं।
दुर्लभ योगों का निर्माण और प्रभाव
इस महाशिवरात्रि पर बन रहे योग बेहद दुर्लभ हैं:
- लक्ष्मी नारायण राजयोग - मकर राशि में मंगल और चंद्र की युति से बन रहा है। यह योग धन, ऐश्वर्य और राजसी सुख देता है।
- बुधादित्य योग - कुंभ राशि में सूर्य-बुध का संयोग। यह योग बुद्धि, ज्ञान, वाक् सिद्धि और करियर में सफलता देता है।
- शुक्रादित्य योग - सूर्य और शुक्र का योग। यह सौंदर्य, सुख, वैभव और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है।
- चतुर्ग्रही योग - कुंभ राशि में चार ग्रहों का संयोग। यह योग तेज, मान-सम्मान और कार्यों में विजय दिलाता है।
ये योग महाशिवरात्रि की रात में और भी शक्तिशाली हो जाते हैं।
महाशिवरात्रि रात्रि में दीपदान क्यों करें
महाशिवरात्रि की रात शिवलिंग के समक्ष घी का दीपदान करना अत्यंत शुभ और चमत्कारी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शाम या रात्रि में जलाया गया एक घी का दीपक अंधकार तो दूर करता ही है, साथ ही जीवन से दरिद्रता, कर्ज और नकारात्मकता को भी दूर करता है। इस रात दीपदान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और शिव की कृपा से धन-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
दीपदान की सही विधि और नियम
रात्रि 9 बजे या प्रदोष काल में शिव मंदिर या घर के मंदिर में घी का दीपदान करें। विधि इस प्रकार है:
- साफ हाथों से घी का दीपक तैयार करें।
- घी के दीपक को शिवलिंग की बाईं ओर रखें।
- तेल के दीपक को दाईं ओर रखें।
- बत्ती के लिए रुई की सफेद बत्ती (घी के लिए) या लाल कलावा की बत्ती (तेल के लिए) का प्रयोग करें।
- 8 या 12 मुखी दीपक जलाएं – यह प्रयोग अक्षय पुण्य और जटिल समस्याओं के निवारण के लिए अचूक है।
- दीपक जलाते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का निरंतर जप करें।
- दीपक के सामने सिर झुकाकर शिव से मनोकामना मांगें।
दीपदान से मिलने वाले चमत्कारी फायदे
- कर्ज और दरिद्रता से मुक्ति
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि
- धन-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति
- स्वास्थ्य और परिवार में सुख-शांति
- शिव की विशेष कृपा और मोक्ष प्राप्ति के योग
महाशिवरात्रि 2026 के दुर्लभ योगों के साथ रात्रि दीपदान करने से जीवन में अपार लाभ मिलेगा। इस छोटे से काम से महादेव प्रसन्न होकर सभी संकट दूर कर देते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
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