Mahashivrati Puja Samagari List: नोट कर लें महाशिवरात्रि पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट, जरूर खरीद लें ये चीजें
महाशिवरात्रि की पूजा अगर विधि विधान से की जाए तो माना जाता है कि भगवान शिव हर मनोकामना पूरी करते हैं। पूजा के लिए किन-किन सामनों की जरूरत पड़ने वाली है। एक बार सारी चीजें नोट कर लें।

Mahashivratri Puja Saman List: महाशिवरात्रि का पर्व शिवभक्तों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। इस दिन लोग भगवान शिव और मां पार्वती के विवाह का उत्सव मनाते हैं। इस खास मौके पर श्रद्धालु पूरी श्रद्धा भाव के साथ व्रत रखते हैं और भगवान शिव की आराधना करते हैं। हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसे हर साल फाल्गुन मास में आने वाले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाते हैं। कुंवारी कन्याओं के लिए महाशिवरात्रि का दिन किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि मनचाहे वर की कामना में ये लोग व्रत रखते हैं। इस खास दिन पर चार प्रहर की पूजा का प्रवधान है। वहीं देश के हर एक शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। कुछ लोग घर पर रहकर भी पूजा-अर्चना करते हैं। आप चाहें मंदिर जाएं या फिर घर पर रहकर ही पूजा करें लेकिन महाशिवरात्रि की पूजा के लिए सारी सामग्री आपके पास होनी जरूरी है। मान्यता है कि पूरे विधि विधान के साथ शिवलिंग पूजा की जाए तो
महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जा रही है। कई लोग तारीख को लेकर कन्फ्यूज हो रहे हैं लेकिन पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 15 तारीख को ही पड़ रही है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त रात में 12:09 से लेकर 01:01 तक रहेगा। इसे महाशिवरात्रि की पूजा के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त माना जाता है क्योंकि इसमें निशिता काल की पूजा होती है। इसके अलावा भी महाशिवरात्रि की पूजा के लिए कई और शुभ मुहूर्त हैं आप इसकी जानकारी यहां ले सकते हैं-
महाशिवरात्रि पूजा की सामग्री लिस्ट
महाशिवरात्रि की पूजा के लिए सबसे पहले आपको भगवान शिव और पार्वती मां की मूर्ति चाहिए होगी। आप उनकी फोटो भी ले सकते हैं। इसके अलावा पूजा के लिए बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, दूध, गंगाजल, दही, घी, शहद, धूप, कपूर, अक्षत, कपूर, धूपबत्ती, फल, केसर, शक्कर, कलावा और इत्र खरीद लें। पूजा के दिन इन चीजों का इस्तेमाल जरूर करें। इसके अलावा आप अपनी श्रद्धानुसार चीजों को ले सकते हैं। बाकी यही कुछ चीजें हैं जो आपको शिवलिंग पूजा के लिए लगेंगी।
ऐसे करें आसान विधि से पूजा
महाशिवरात्रि की सुबह-सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद घर के मंदिर को साफ कर लें। इसे गंगाजल से शुद्ध कर लें। शिवलिंग के साथ-साथ भगवान शिव और मां पार्वती की मूर्ति या फिर तस्वीर को पूजा घर में रख दें। शिवलिंग का अभिषेक दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और शक्कर के साथ करें। यहां पर ध्यान ये रखें कि शक्कर पीसी हुई हो। इसके बाद शिवलिंग को साफ सूती कपड़े से सूखा लें। अब बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल के साथ-साथ चंदन और केसर को अर्पित करें। आखिर में धूप-दीया जलाकर महाशिवरात्रि पूजा की कथा पढ़ें और शिव चालीसा का पाठ करते हुए आखिर में ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कर लें।
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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