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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर मां पार्वती को चढ़ाएं ये चीजें, वैवाहिक जीवन होगा सुखद

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर मां पार्वती को चढ़ाएं ये चीजें, वैवाहिक जीवन होगा सुखद

संक्षेप:

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की पूजा में जिस प्रकार हम भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, गाय का दूध, दही और सफेद फूल, गंगाजल आदि चीजें अर्पित करते हैं, वैसे ही कुछ चीजें मां पार्वती को चढ़ाया जाता है। चलिए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर मां पार्वती को कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए।

Feb 11, 2026 05:26 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देशभर में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी 2026 को है। इस दिन भगवान शिव की उपासना तो की जाती है, साथ ही मां पार्वती की भी पूजा अर्चना होती है। क्योंकि यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन का प्रतीक माना जाता है। मां पार्वती भगवान भोलेनाथ की पत्नी हैं। मान्यता है कि पार्वती जी का व्यवहार दया, कृपा और करुणा से भरा हुआ है। साथ ही मां पार्वती आदिशक्ति के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। मां पार्वती अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। खासकर जो अविवाहित कन्याएं और महिलाएं माता पार्वती की पूजा और व्रत करती हैं, वे उनकी मुरादें भी पूरी कर देती हैं।

महाशिवरात्रि की पूजा में जिस प्रकार हम भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते,मदार पुष्प या फूलों की माला, गाय का दूध, दही, शक्कर, फल, मिठाई, घी कमल और सफेद फूल, गंगाजल आदि चीजें अर्पित करते हैं, वैसे ही कुछ चीजें मां पार्वती को चढ़ाया जाता है। चलिए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर मां पार्वती को कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए।

मां पार्वती को चढ़ाएं ये शृंगार की चीजें
महाशिवरात्रि पर आप मां पार्वती को शृंगार के सामान जरूर अर्पित करें। आप मेंहदी, सिंदूर, बिछिया, चूड़ी जैसे पूरे 16 श्रृंगार को अर्पित कर सकते हैं। इन चाजों को चढ़ाने से माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही सुहागिनों का वैवाहिक जीवन सुखद होता है। लेकिन ध्यान रखें कि शिव जी को सिंदूर अर्पित ना करें। महाशिवरात्रि के दिन लाल और हरे रंग की चूड़ियां चढ़ाना शुभ होता है। लाल रंग सुहाग, प्रेम और ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि हरा रंग समृद्धि, खुशहाली और वैवाहिक सुख को दर्शाता है।

इस रंग की साड़ी करें अर्पित
इसके अलावा मां पार्वती को पीले रंग की चूड़ियां भी अर्पित कर सकते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन इसे अर्पित करने से रिश्तों में पवित्रता बनी रहती है। इसी तरह आप महाशिवरात्रि लाल, हरे और पीले रंग की साड़ियां भी अर्पित कर सकती हैं। इससे माता प्रसन्न होती है। माता पार्वती को लाल चुनरी भी अर्पित किया जाता है।

बिल्व पत्र
भगवान शिव को बेलपत्र काफी प्रिय है। इसे आप मां पार्वती को भी चढ़ा सकते हैं। क्योंकि यह मां पार्वती को भी प्रिय है। मान्यता है कि, इस उपाय से मनचाहा वर पाने की कामना पूर्ण होती हैं।

भोग
महाशिवरात्रि पर आप मां पार्वती को खीर, पुआ, गुझिया जैसी मीठी चीजों का भोग भी लगा सकते हैं। इसके अलावा पूजा में काले चने और गुड़-घी को मिलाकर जरूर देवी पार्वती को चढ़ाएं। ये दो भोग मां को बेहद पसंद आते हैं। इससे देवी मां की पूजा पूरी होती है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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