Mahashivratri 2026: काशी में बाबा का भव्य शृंगार, खास होगा सेहरा, वस्त्र और सिंहासन, जानिए कैसे सजेंगे महादेव?

Feb 12, 2026 10:46 am ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार 26 घंटे तक जारी रहेंगे। बताते चलें कि 15 फरवरी की सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट खुलेंगे और दर्शन 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक अनवरत जारी रहेंगे। इस अवसर पर बाबा का भव्य अवतार दिखेगा।

Mahashivratri 2026: काशी में बाबा का भव्य शृंगार, खास होगा सेहरा, वस्त्र और सिंहासन, जानिए कैसे सजेंगे महादेव?

वाराणसी यानी काशी जिसे देवाधिदेव महादेव की नगरी कहा जाता है। यहां हर साल महाशिवरात्रि का पर्व बेहद पारंपरिक और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाता है। साल 2026 में महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यहां इस खास पर्व को मानने की तैयारियां जारी है। इस अवसर पर काशी में होने वाले लोकोत्सव में बाबा विश्वनाथ को दूल्हे की तरह सजाया जाता है। उनको विशिष्ट तरह का परिधान पहनाया जाता है और साथ ही वर विश्वनाथ को खास तरह का सेहरा पहनाया जाता है, जो अपने आप में काफी महत्व रखता है। इसके अलावा इनका विशेष शृंगार भी किया जाता है, जिसकी झलक पाने के लिए भक्तों की भीड़ देखी जाती है। चलिए आज हम जानेंगे कि महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ को कैसे सजाएंगे।

बाबा का सेहरा किन चीजों से सजेगा?
महाशिवरात्रि पर काशी में सदियों से शिव बारात निकाली जाती है। इस दौरानबाबा विश्वनाथ को दूल्हे की तरह सजाया जाता है। बाबा का शृंगार और सेहरा मुख्य रूप से आकर्षण का केंद्र होता है। बाबा का सेहरा पूरी तरीके से प्राकृतिक और धार्मिक सामग्री से तैयार किया जा रहा है। इस साल बाबा विश्वनाथ रुद्राक्ष और मेवों से बना खास तरह का सेहरा धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।सेहरा बनाने में रुद्राक्ष के अलावा मखाना, लौंग, इलायची, शिवलिंगी, अंगूर और अनेकों प्रकार के सुगंधित फूलों का उपयोग किया जाएगा। सेहरा में उपयोग किए जाने वाला रुद्राक्ष बाबा की वैराग्य परंपरा और शिवतत्व का प्रतीक है। जबकि फल, मेवा और पुष्प लोकाचार और मंगल भाव को दर्शाते हैं।

कैसा होगा बाबा का परिधान?
काशी में शिव बारात की शुरुआत टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से होती है और काशी विश्वनाथ धाम में रात्रि में होने वाली चारों पहर की आरतियों के दौरान बाबा को यह सेहरा अर्पित किया जाएगा। इतना ही नहीं बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को असमिया पुरुष परिधान 'चेलेंग' और 'गसोमा' धारण कराया जाएगा। यह परिधान असम की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है, जिसमें बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा।

कैसा होगा बाबा का छत्र?
इस साल काशी की ऐतिहासिक शिव बारात में काशीपुराधिश्वर का प्रतीकात्मक चल स्वरूप विशेष आकर्षण होगा। बाबा नवरत्नों से सुसज्जित राजसी छत्र और सिगोंल के साथ 11 प्रकार की लकड़ियों से बने सिंहासन पर विराजमान होंगे। बताते चलें कि काशी में बाबा विश्वनाथ साल में चार बार चल स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलते हैं।

चार प्रहर की आरती
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में चारों प्रहर की आरती यहां की विशिष्ट परंपरा है। इसमें सात ऋषियों के प्रतीक स्वरूप महंत परिवार के सात सदस्य विशेष विधि-विधान से आरती करते हैं। काशी में महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि लोकआस्था, संस्कृति और परंपरा का उत्सव भी है। इस पावन रात्रि में जब बाबा विश्वनाथ रुद्राक्ष और मेवों से बना सेहरा धारण कर दूल्हा के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे तब भक्ति, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

26 घंटे होंगे दर्शन
इस साल महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार 26 घंटे तक जारी रहेंगे। बताते चलें कि 15 फरवरी की सुबह मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट खुलेंगे और दर्शन 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक अनवरत जारी रहेंगे। मंगला आरती और भोग आरती के बाद इस बार सप्तर्षि श्रृंगार और शयन आरती के स्थान पर अलग-अलग चार प्रहर की आरतियों का आयोजन किया जाएगा। इन आरतियों के दौरान श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन की सुविधा दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर सकें।

देशभर के बड़े-बड़े मंदिरों से आ रहे हैं भेंट
महाशिवरात्रि से पहले बाबा विश्वनाथ को देशभर के मंदिरों से उपहार भी मिलने शुरू हो चुके हैं। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने माता वैष्णो देवी का खास उपहार भेजा है, जबकि मथुरा से श्री कृष्ण जन्मभूमि की तरफ से भगवान विश्वनाथ और माता पार्वती के कपड़े, मेवे मिठाइयां और अन्य तरह की चीजें भी बाबा विश्वनाथ को भेंट की गई है। इसके अलावा मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर से भी उपहार प्राप्त होगा।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!