Mahashivratri 2026 puja vidhi: बेलपत्र, दूर्वा, शमी पत्र, चने की दाल, जानें महाशिवरात्रि पर आप शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं
Mahashivratri 2026 Shivling Puja Vidhi:महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव व शक्ति के मिलन के प्रतीक का पर्व है। इस दिन भोलेनाथ और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इस बार शिवरात्रि ग्रहों और नक्षत्रों को शुभ संयोग बन रहे हैं।कुंभ राशि में सूर्य, राहु, शुक्र, बुध चार ग्रहों का संयोग है।

महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव व शक्ति के मिलन के प्रतीक का पर्व है। इस दिन भोलेनाथ और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इस बार शिवरात्रि ग्रहों और नक्षत्रों को शुभ संयोग बन रहे हैं।कुंभ राशि में सूर्य, राहु, शुक्र, बुध चार ग्रहों का संयोग है। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। वहीं शिवरात्रि के दिन भद्रा भी रहेगी। इस दिन लोग कई जगह कांवड़ लेकर जाते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दिन अगर आप रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कराना चाहते हैं, तो पूरे दिन करा सकते हैं, क्योंकि महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा। 15 फरवरी को सुबह सात बजे से शाम सात बजकर 48 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, इस दौरान पूजा से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। शिवलिंग पर पूजा करने जा रहे हैं, तो जान लें कि अपनी राशि के अनुसार आपको शिवलिंग पर क्या अर्पित करना चाहिए, इसके बारे में बता रहे हैं, ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी
मेष से लेकर मीन राशि के लोग क्या अर्पित करें शिवलिंग पर
मेष राशि के लोग भगवान शिव को बेल पत्र, धतूरा, दूर्वा अर्पित करें। वृष राशि के लोग पीला पुष्प, चने की दाल तथा शहद अर्पित करें। मिथुन राशि के लोग लाल मसूर की दाल, सूखा नारियल एवं शहद अर्पित करें। कर्क राशि के लोग दूर्वा, हरा वस्त्र, बेलपत्र, भांग धतूरा अर्पित करें। सिंह राशि के लोग काला तिल, शमी पत्र, कच्चा दूध, चावल, चीनी अर्पित करें। कन्या राशि के लोग लाल मसूर की दाल, तांबा, गेहूं अर्पित करें। तुला राशि के लोग चने की दाल, पीला पुष्प, शहद तथा भस्म अर्पित करें। वृश्चिक राशि के लोग सेंट अथवा इत्र, गुलाब जल, दूर्वा तथा भांग अर्पित करें। धनु राशि के लोग कच्चा दूध, चावल, चीनी, दूध, सफेद चंदन, सफेद पुष्प अर्पित करें। मकर राशि के लोग तांबा, गेहूं, लाल चंदन, पीले वस्त्र का दान करें।कुंभ राशि के लोग चावल, कच्चा दूध, सफेद चंदन, सफेद पुष्प, सफेद वस्त्र अर्पित करें। मीन राशि के लोग सेंट अथवा इत्र के साथ लाल चंदन, लाल रोली, लाल फल, लाल वस्त्र अर्पित करके भगवान शिव को प्रसन्न करें। यह योग जीवन के सभी कार्यों में सफलता और उन्नति का संकेत देता है।
15 फरवरी और 16 फरवरी कब मनाई जाएगी शिवरात्रि
हिंदू पंचांग के हिसाब से महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है और चतुर्दशी तिथि की शुरुआत शाम को 05:04 बजे से शुरू हो जाएगी जोकि अगले दिन यानी 16 फरवरी की शाम तक रहेगी। ऐसे में व्रत 15 तारीख को ही रखा जाएगा। महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र का प्रारंभ 15 फरवरी को शाम सात बजकर 48 मिनट पर होगा। 16 फरवरी की सुबह आठ बजकर 47 मिनट तक रहेगा।निशिता काल महाशिवरात्रि पूजा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण समय माना जाता है। निशिता काल मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त दोपहर 12 बजे मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त और दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से दो बजकर 41 मिनट तक अमृतकाल रहेगा।
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लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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