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भूतेश्वर महादेव मंदिर: यूपी के इस मंदिर में भूमि से स्वयं प्रकट हुआ था शिवलिंग, पांडवों ने की थी पूजा

भूतेश्वर महादेव मंदिर: यूपी के इस मंदिर में भूमि से स्वयं प्रकट हुआ था शिवलिंग, पांडवों ने की थी पूजा

संक्षेप:

सहारनपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर, जिसकी ख्याति दूर तक है। महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में सुबह चार बजे से ही भीड़ लग जाती है। शहर और जिलेभर के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही कई तरह के रोग और कष्ट मिट जाते हैं। चलिए इस मंदिर के बारे में सबकुछ जानते हैं।

Feb 12, 2026 12:18 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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महाशिवरात्रि के दिन देशभर के शिवालय भक्तों से भरे रहते हैं। इस दिन लोग अपनी मनोकामना लेकर भगवान शिव के मंदिर पर जाते हैं। मान्यता है कि शिवजी बेहद दयालु हैं और वो सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। उत्तर प्रदेश की बात करें, तो यहां कई प्राचीन और चमत्कारिक शिव मंदिर हैं, जो अपनी मान्यताओं के लिए दुनियाभर में फेमस हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक है सहारनपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर, जिसकी ख्याति दूर तक है। महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में सुबह चार बजे से ही भीड़ लग जाती है। शहर और जिलेभर के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही कई तरह के रोग और कष्ट मिट जाते हैं। चलिए जानते हैं कि इस मंदिर के बारे में सबकुछ।

मराठाकाल में हुआ था निर्माण
कहते हैं कि सहारनपुर का श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जाना जाता है, जिसके चलते यहां भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखी जाती है। मान्यता है कि भूतेश्वर महादेव मंदिर महाभारत काल से है, मगर इसका निर्माण सैकड़ों साल पहले मराठाकाल में हुआ था। पुराने शहर में धोबी घाट के पास 22 बीघा भूमि पर बना यह मंदिर पौराणिक और धार्मिक महत्व अपने अंदर समेटे हुए है।

खुद बजने लगे थे मंदिर के घंटे
एक किंवदंती के मुताबिक मराठाकाल में स्थापित हुए इस शिवालय में एक बार रात में खुद ही भगवान श्री भूतेश्वर महादेव आरती होने लगी और साथ में घंटे बजने लगे थे। इतना ही नहीं इस दौरान भोले बाबा का श्रृंगार हुआ भी मिला था। बताया जाता है कि बाबा भोलेनाथ ने भी एक बार मंदिर के आचार्यों को स्वप्न में दर्शन दिए थे। माना जाता है कि साक्षात देवताओं ने यहां भगवान शिव की आरती की थी।

शिवलिंग खुद हुआ था अवतरित
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि 17वीं शताब्दी में इसी स्था पर स्वयंभू शिवलिंग अवतरित हुआ था। जब यह बात मराठा शासक तक पहुंची, तो उन्होंने इस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। इतना ही नहीं कहा जाता है कि पांडवों ने इस मंदिर में भगवान महादेव की पूजा की थी। पूजा से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने दर्शन देकर कौरवों से जीत का आशीर्वाद भी दिया था।

मन्नतें होती हैं पूरी
यहां तक इस मंदिर को लेकर लोगों के बीच एक और किवंदती काफी फेमस है। कहा जाता है कि हनुमान जी भी मंदिर का भ्रमण करते हुए दिखाई देते हैं। मंदिर को लेकर मान्यता है कि 40 दिन अगर कोई व्यक्ति श्रद्धाभाव से शिवलिंग पर जल चढ़ाता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं 40 दिन से पहले ही पूरी हो जाती हैं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
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