
भूतेश्वर महादेव मंदिर: यूपी के इस मंदिर में भूमि से स्वयं प्रकट हुआ था शिवलिंग, पांडवों ने की थी पूजा
सहारनपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर, जिसकी ख्याति दूर तक है। महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में सुबह चार बजे से ही भीड़ लग जाती है। शहर और जिलेभर के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही कई तरह के रोग और कष्ट मिट जाते हैं। चलिए इस मंदिर के बारे में सबकुछ जानते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन देशभर के शिवालय भक्तों से भरे रहते हैं। इस दिन लोग अपनी मनोकामना लेकर भगवान शिव के मंदिर पर जाते हैं। मान्यता है कि शिवजी बेहद दयालु हैं और वो सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। उत्तर प्रदेश की बात करें, तो यहां कई प्राचीन और चमत्कारिक शिव मंदिर हैं, जो अपनी मान्यताओं के लिए दुनियाभर में फेमस हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक है सहारनपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर, जिसकी ख्याति दूर तक है। महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में सुबह चार बजे से ही भीड़ लग जाती है। शहर और जिलेभर के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही कई तरह के रोग और कष्ट मिट जाते हैं। चलिए जानते हैं कि इस मंदिर के बारे में सबकुछ।
मराठाकाल में हुआ था निर्माण
कहते हैं कि सहारनपुर का श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जाना जाता है, जिसके चलते यहां भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखी जाती है। मान्यता है कि भूतेश्वर महादेव मंदिर महाभारत काल से है, मगर इसका निर्माण सैकड़ों साल पहले मराठाकाल में हुआ था। पुराने शहर में धोबी घाट के पास 22 बीघा भूमि पर बना यह मंदिर पौराणिक और धार्मिक महत्व अपने अंदर समेटे हुए है।
खुद बजने लगे थे मंदिर के घंटे
एक किंवदंती के मुताबिक मराठाकाल में स्थापित हुए इस शिवालय में एक बार रात में खुद ही भगवान श्री भूतेश्वर महादेव आरती होने लगी और साथ में घंटे बजने लगे थे। इतना ही नहीं इस दौरान भोले बाबा का श्रृंगार हुआ भी मिला था। बताया जाता है कि बाबा भोलेनाथ ने भी एक बार मंदिर के आचार्यों को स्वप्न में दर्शन दिए थे। माना जाता है कि साक्षात देवताओं ने यहां भगवान शिव की आरती की थी।
शिवलिंग खुद हुआ था अवतरित
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि 17वीं शताब्दी में इसी स्था पर स्वयंभू शिवलिंग अवतरित हुआ था। जब यह बात मराठा शासक तक पहुंची, तो उन्होंने इस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। इतना ही नहीं कहा जाता है कि पांडवों ने इस मंदिर में भगवान महादेव की पूजा की थी। पूजा से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने दर्शन देकर कौरवों से जीत का आशीर्वाद भी दिया था।
मन्नतें होती हैं पूरी
यहां तक इस मंदिर को लेकर लोगों के बीच एक और किवंदती काफी फेमस है। कहा जाता है कि हनुमान जी भी मंदिर का भ्रमण करते हुए दिखाई देते हैं। मंदिर को लेकर मान्यता है कि 40 दिन अगर कोई व्यक्ति श्रद्धाभाव से शिवलिंग पर जल चढ़ाता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं 40 दिन से पहले ही पूरी हो जाती हैं।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





