बटेश्वर नाथ मंदिर: यूपी के इस मंदिर में महादेव करते थे विश्राम, उल्टी बहती है यमुना की धारा

Feb 13, 2026 02:42 pm ISTDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

आगरा में स्थित हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं, उसका नाम बटेश्वर नाथ मंदिर है, चंबल की घाटी में स्थित है। इस क्षेत्र में काभी ठाकु हुआ करते थे।  माना जाता है कि चंबल क्षेत्र के कुछ सबसे कुख्यात और वांछित डकैतों ने इसे अपना ठिकाना बना लिया था। साथ ही वो इस मंदिर में घंटा भी चढ़ाते थे।

बटेश्वर नाथ मंदिर: यूपी के इस मंदिर में महादेव करते थे विश्राम, उल्टी बहती है यमुना की धारा

इस साल महावशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस पर्व के दौरान देशभर के शिव मंदिर भक्तों से भरे होते हैं। लोग पूरे दिन शिव की आराधना में लीन रहते हैं। उत्तर प्रदेश में भगवान शिव के मंदिरों की बात करें, तो यहां कई प्राचीन और चमत्कारिक शिव मंदिर है, जो अपनी मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं। आगरा में एक ऐसा ही शिव मंदिर है, जिसको लेकर कई मान्यताए हैं। यह मंदिर युमना के किनारे स्थित है। मान्यता है कि यहां उल्टी धारा में यमुना बहता है। चलिए इस मंदिर के बारे में जानते हैं।

बटेश्वर नाथ मंदिर, आगरा
आगरा में स्थित हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं, उसका नाम बटेश्वर नाथ मंदिर है, चंबल की घाटी में स्थित है। माना जाता है कि चंबल क्षेत्र के कुछ सबसे कुख्यात और वांछित डकैतों ने इसे अपना ठिकाना बना लिया था। कहते हैं कि हर डकैती के बाद डाकू यहां एक घंटा चढ़ाते थे। यह मंदिर भगवान शिव या बटेश्वर महादेव को समर्पित हैं और इसलिए इन्हें बटेश्वर मंदिर कहा जाता है। कहते हैं कि यहां यमुना भी उल्टी धारा में बहती है।

मंदिर से जुड़ी मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस क्षेत्र में एक बरगद के पेड़ के नीचे महादेव आराम करते थे। ऐसे में भगवान शिव के सम्मान में मंदिरों का निर्माण किया गया। यमुना नदी पश्चिम से पूरब दिशा की ओर बहती है, लेकिन इस पवित्र धाम में यह पूरब से पश्चिम दिशा की ओर बहती हुई बटेश्वर का चक्कर लगाती है। यह आकृति अर्धचंद्राकार का रूप लेती हुई बह रही है। मंदिर को लेकर कई मान्यताएं भी है। कहा जाता है कि इस मंदिर को रातों रात भूतों ने बनाया था।

शिव मंदिरों की शृंखला
बटेश्वर नाथ मंदिर भगवान शिव के अन्य मंदिरों से काफी अलग है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार बटेश्वर चार धामों के पुत्र माने जाते हैं। मंदिरों का निर्माण प्रतिहार वंश के शासन काल में हुआ था। बता दें, यह 101 मंदिरों की शिव श्रृंखला वाला अनोखा शिव मंदिर है। इस मंदिर में शिवलिंग के अलावा शिव-पार्वती सेठ-सेठानी की मुद्रा में बैठे मिल जाएंगे। शिवलिंग के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। खासकर यहां महाशिवरात्रि पर भक्तों की भारी संख्या में भीड़ रहती है।

कैसे पहुंचे
बटेश्वर नाथ मंदिर हर दिन भक्तों के लिए खुला रहता है। वहीं मंदिर तक आने के लिए पहले आपको बटेश्वर आना होगा। आगरा से बटेश्वर की दूरी लगभग 70 किमी है। बटेश्वर के लिए नजदीकी एयरपोर्ट 83 किमी दूर आगरा में है। आगरा से बटेश्वर के लिए रेगुलर ट्रेन आगरा कैंट से चलती है। यह बटेश्वर धाम मंदिर से लगभग 5 किमी दूर बटेश्वर हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर रुकती है। रेलवे स्टेशन से आपको ऑटो/साइकिल रिक्शा मिल सकते हैं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण
धीरज पाल एक डिटिजल पत्रकार है, जिन्हें इस क्षेत्र में 7 से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का हिस्सा हैं। यहां वह ग्रह गोचर, वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, रत्न शास्त्र से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव

धीरज पाल डिजिटल मीडिया में उभरता एक ऐसा नाम है, जो पाठक को धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा परोसते हैं। वो ग्रह नक्षत्रों, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष,रत्न शास्त्र जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने समाचार, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।

धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद वो लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। अब इनका एकमात्र उद्देश्य ज्योतिषीय जानकारी को रुचिगत, सरल, प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
ग्रह और नक्षत्रों का असर
वास्तु शास्त्र
न्यूमरोलॉजी
रत्न विज्ञान

और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ , Aaj ka Rashifal,Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!
Hindi Newsधर्म न्यूज़Mahashivratri 2026 Bateshwar Nath Temple Mahadev agra used to rest in this temple of Uttar Pradesh where the Yamuna flow
;;;